जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई गई बिरसा मुण्डा की 150 वीं जयंती
बिरसा मुण्डा की गौरव गाथा युगों-युगों तक देते रहेगी प्रेरणा

अलीगढ़ : महान स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक बिरसा मुण्डा 150 वीं जयंती को विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) कार्यालय में ”जनजातीय गौरव दिवस” के रूप में मनाया गया। बिरसा मुण्डा का जन्म झारखण्ड के एक साधारण परिवार में हुआ था। सामाजिक कार्यों के चलते उन्हें धरती आबा या धरती पिता के रूप में सम्बोधित किया जाता था। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बिरसा मुण्डा का योगदान भुलाया नहीं जा सकता।
जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) संध्या रानी बघेल ने इस अवसर पर बिरसा मुण्डा के चित्र पर माल्यार्पण कर उनको पुष्पांजलि अर्पित की।उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को बिरसा मुण्डा के स्वाधीनता संग्राम में योगदान के बारे में अवगत कराते हुए कहा कि सभी को बिरसा मुण्डा के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि वह 26 नवंबर तक जिले में बिरसा मुण्डा की 150 वीं जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग कर उनको सफल बनाएं।सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार ने कहा कि बिरसा मुण्डा की गौरव गाथा युगों-युगों तक प्रेरणा देते रहेगी। जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए उन्होंने लम्बा संघर्ष किया। 25 वर्ष की आयु में उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जंग छेड़ी और अंग्रेजों के छक्के छुड़ाते हुए उसे मरते दम तक कायम रखा।