3000 किलोमीटर की आस्था यात्रा बनी पीड़ा का कारण, शोकाकुल परिवार को मिला संबल और संवेदना
अपूरणीय क्षति से टूटे परिवार को ढांढस बंधाने हेतु डॉ. विकास शर्मा (डायरेक्टर, फोकस ग्रुप) स्वयं शोक-संतप्त परिजनों के घर पहुँचे

हाथरस। हरिद्वार से रामेश्वरम की लगभग 3000 किलोमीटर लंबी पवित्र यात्रा के दौरान घटित हृदयविदारक दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। इस दुखद घटना में भाई भोला पंडित दुर्घटना का शिकार बने तथा शहीद स्वर्गीय जगदीश कश्यप का असामयिक निधन हो गया।इस अपूरणीय क्षति से टूटे परिवार को ढांढस बंधाने हेतु डॉ. विकास शर्मा (डायरेक्टर, फोकस ग्रुप) स्वयं शोक-संतप्त परिजनों के घर पहुँचे। उन्होंने परिवारजनों के आंसुओं को पोछते हुए न केवल सांत्वना दी, बल्कि हर परिस्थिति में साथ निभाने का विश्वास भी दिलाया। इस अवसर पर संवेदना की मिसाल पेश करते हुए डॉ विकास कुमार शर्मा द्वारा स्वर्गीय जगदीश कश्यप के पुत्र की निःशुल्क शिक्षा की जिम्मेदारी लेने तथा उनकी पावन स्मृति में एक भव्य आगमन स्मृति द्वार के निर्माण का आश्वासन दिया गया। यह घोषणा शोकग्रस्त परिवार के लिए अंधकार में आशा की किरण बनकर सामने आई। इस दुख की घड़ी में अनेक सामाजिक, धार्मिक एवं हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखाई दिए। फायर ब्रांड हिंदूवादी दीपक शर्मा, विशाल सारस्वत, ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष योगा पंडित जी, सौरभ शर्मा, गंगाशरण शुक्ला (पंडा जी, कोटा वाले), यतिन शुक्ला, मोहित पंडित जी (ऊतरा) सहित सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को यह भरोसा दिलाया कि वे इस कठिन समय में अकेले नहीं हैं। आस्था की इस यात्रा में मिली पीड़ा ने भले ही एक परिवार को तोड़ दिया हो, लेकिन समाज की एकजुटता, संवेदना और सहयोग ने यह सिद्ध कर दिया कि दुख की इस अंधेरी रात में भी इंसानियत का दीपक जलता रहता है।
हाथरस से मनोज शर्मा की रिपोर्ट



