(1 दिसंबर) को महापंचायत का आयोजन शुरू हो गया
महापंचायत हनुमान चालीसा से शुरू हुई है. इस महापंचायत में कई हिंदूवादी नेता पहुंचे

(1 दिसंबर) को महापंचायत का आयोजन शुरू हो गया. उत्तरकाशी में होने वाली यह महापंचायत हनुमान चालीसा से शुरू हुई है. इस महापंचायत में कई हिंदूवादी नेता पहुंचे हैं और हैदराबाद के विधायक टी. राजा सिंह समेत अन्य प्रमुख वक्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है. आयोजन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. शहर को सात जोन और 15 सेक्टर में बांटकर निगरानी बढ़ा दी गई है. यातायात को डायवर्ट किया गया है और शहर में फ्लैग मार्च भी निकाला गया. महापंचायत की निगरानी ड्रोन से भी की जाएगी.रामलीला मैदान में मस्जिद विवाद पिछले चार माह से शांत नहीं हो पाया है. इस मुद्दे पर 24 अक्टूबर को संयुक्त सनातन धर्म रक्षक संघ ने जनाक्रोश रैली निकाली थी. इस दौरान हुए पथराव और लाठीचार्ज में 9 पुलिसकर्मी समेत 27 लोग घायल हो गए थे. इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई थी. इसी विवाद को लेकर अब विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर देवभूमि विचार मंच ने महापंचायत का आयोजन किया है.
सशर्त अनुमति के बाद तैयारियां
शुक्रवार देर शाम प्रशासन ने इस महापंचायत के आयोजन को सशर्त अनुमति दी. इसके बाद से ही मंच से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता आयोजन स्थल पर मंच तैयार करवाने और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में जुट गए. आयोजकों का कहना है कि यह महापंचायत केवल हिंदू समुदाय की एकजुटता का प्रदर्शन है.
प्रमुख वक्ताओं की मौजूदगी
मंच के संयोजक कीर्ति सिंह ने जानकारी दी कि इस महापंचायत में हिंदूवादी नेता टी. राजा सिंह के साथ स्वामी दर्शन भारती, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. मंच के संयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचा जाएगा.
पुलिस और प्रशासन के इंतजाम
महापंचायत को लेकर पुलिस और प्रशासन सतर्क हैं. नवनियुक्त एसपी सरिता डोबाल ने ज्ञानसू पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों को ब्रीफ किया. उन्होंने पुलिस ड्यूटी और यातायात प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सुरक्षा इंतजामों पर जोर दिया. पूरे शहर को सात जोन और 15 सेक्टर में बांटा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
ड्रोन और यातायात प्रबंधन
पुलिस ने महापंचायत स्थल और आसपास के इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. साथ ही, शहर में यातायात को डायवर्ट किया गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों को असुविधा न हो. सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
संवेदनशीलता को देखते हुए सख्ती
पुलिस और प्रशासन ने महापंचायत के दौरान किसी भी प्रकार के भड़काऊ बयान या हिंसक गतिविधियों को सख्ती से रोकने का निर्देश दिया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की जाती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
मस्जिद विवाद और इससे जुड़ी महापंचायत से क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ने की संभावना है. प्रशासन और पुलिस के सामने इसे नियंत्रित करना एक चुनौती है. महापंचायत से जुड़े आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम के जरिए हिंदू समुदाय के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा. महापंचायत की सफलता या विफलता पर आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति और समाज पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है.