संपत्ति करके बड़े बकायदारों के विरुद्ध नगर आयुक्त ने उठाया बड़ा कदम-जल्द संपत्ति कर जमा न करना पड़ेगा भारी
नगर निगम संपत्ति कर के 205 भवन स्वामी बड़े बकायेदारों की श्रेणी में- लगभग ₹6.66 करोड़ (₹6,66,67,279.00) की संपत्ति कर देनदारी

नगर निगम संपत्ति कर (Property Tax) वसूली को गति देने के लिए नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के निर्देश पर नगर निगम ने अब बड़े बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन भवन स्वामियों द्वारा बार-बार नोटिस एवं बिल भेजे जाने के बावजूद संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 507, 508, 509, 512 एवं 513 के अंतर्गत भवन कुर्की एवं तालाबंदी की कार्रवाई की जाएगी।बड़े बड़े बकायेदार, एक नजर मेंनगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा की सख्त नाराजगी के बाद नगर निगम गृह कर विभाग द्वारा सभी 4 ज़ोन में बड़े बकायेदारों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं जोन 1 जोन 2 व जोन 4 में कुल 205 भवन स्वामी बड़े बकायेदारों की श्रेणी में हैं, जिन पर लगभग ₹6.66 करोड़ (₹6,66,67,279.00) की संपत्ति कर देनदारी बकाया है।
इनमें जोनवार स्थिति इस प्रकार है —=जोन 1 में 24 भवन स्वामियों पर ₹55,39,832.00 बकाया है।जोन 2 में 139 भवन स्वामियों पर ₹5,67,22,007.00 बकाया है।जोन 4 में 42 भवन स्वामी हैं पर ₹44,05,440.00 बकाया है।नगर आयुक्त के इस ठोस कदम से गृहकर विभाग सक्रिय हो गया है और शहर के सभी जोनों में बकायेदारों की सूची सार्वजनिक कर दी गई है।नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बतायासभी बकायेदारों को पूर्व में बिल, नोटिस एवं व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से देय कर जमा करने के लिए अवगत कराया गया था, किंतु भुगतान न करने पर अब मजबूरन निगम को कानूनी कार्रवाई करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सभी जोनल अधिकारी और कर अधीक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में आगामी 7 दिनों के भीतर बड़े बकायेदारों की संपत्तियों की कुर्की व तालाबंदी की कार्यवाही पुलिस बल के सहयोग से करेंगे।नगर आयुक्त की अपीलनगर निगम ने सभी भवन स्वामियों से अपील की है कि यदि वे नियत तिथि से पूर्व अपने बकाये का भुगतान कर देते हैं, तो उनके विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन ऐसा न करने पर मौके पर ही नोटिस फीस, वारंट फीस के साथ ₹500 अतिरिक्त प्रकाशन व्यय वसूला जाएगा।नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम नागरिकों से अपील करता है कि वे स्वयं जिम्मेदार नागरिक बनते हुए समय से संपत्ति कर जमा करें। आपका दिया संपत्ति कर शहर के विकास, सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं में सीधे उपयोग होती है। बकायेदारों की लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



