जैन समाज के संत शिरोमणि आचार्य विद्या सागर का शरद पूर्णिमा पर धूमधाम से मनाया गया अवतरण दिवस
शरद पूर्णिमा पर जैन समाज के श्रमण संस्कृति के महानायक समाधिस्थ संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज,

सोमवार को शरद पूर्णिमा पर जैन समाज के श्रमण संस्कृति के महानायक समाधिस्थ संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज, आचार्य श्री 108 समय सागर जी मुनिराज एवं गणिनीप्रमुख श्री 105 ज्ञानमती माताजी के अवतरण दिवस पर श्री दिगम्बर जैन महासमिति महिला प्रकोष्ठ द्वारा प्राग नारायण मूक बधिर विद्यालय, सासनी गेट पर बच्चों को शुद्ध भोजन करा कर मनाया गया। पूर्व
एमएलसी जगवीर किशोर जैन ने बताया कि आचार्य श्री ने पशुधन बचाने, गाय को राष्ट्रीय प्राणी घोषित करने, मांस निर्यात बंद करने को लेकर अनेक उल्लेखनीय कार्य किए ।आज कई गौशालाएं, स्वाध्याय शालाएं, औषधालय, आदि विद्यासागर महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से स्थापित किए गए हैं तथा कई जगहों पर निर्माण कार्य जारी है। आचार्यश्री द्वारा पशु मांस निर्यात के विरोध में जनजागरण अभियान भी चलाया गया तथा विकलांग नि:शुल्क सहायता भी केंद्र भी चल रहे है। प्रांतीय महामंत्री राजीव जैन ने बताया कि महान तपस्वी, अहिंसा, करुणा, दया के प्रणेता और प्रखर कवि संत शिरोमणि आचार्य श्री का मन जल की तरह निर्मल था तथा हमेशा प्रसन्न और मुस्कराते रहना उनकी खासियत थी उन्होंने इंडिया नहीं, भारत बोलो” पर बल दिया तथा कहा कि भारत का नाम भारत ही है, जो एक स्वदेशी और पारंपरिक नाम है, और यह भारत की अपनी संस्कृति और पहचान से जुड़ा हुआ है। वे अपनी तपस्या की अग्नि में कर्मों की निर्जरा के लिए हर पल तत्पर रहते थे।इस मौके पर नरेंद्र कुमार जैन, समिति की नगर अध्यक्ष सीमा जैन ,मंत्री नीरजा जैन प्रांतीय कोषाध्यक्ष गरिमा जैन,इंद्रा जैन,नीरज जैन,पवन जैन,सुनील जैन,वैभव जैन एवं स्कूल का स्टाफ मौजूद रहा।



