दीपावली पर स्वच्छता का बड़ा उपहार-नगर आयुक्त का बड़ा एक्शन-दीपावली से पहले ए-टू-ज़ेड वेस्टमैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को लापरवाही पड़ी भारी
बड़ी उपलब्धि नगर निगम की-नया प्रोसेसिंग प्लांट शहर सीमा से 15 किलोमीटर होगा बाहर ताकि आने वाले 50 साल तक शहर दुर्गंध से रह सकेगा मुक्त

शहर के कचरे का निस्तारण न करना पड़ा भारी-शहर को कचरे की दुर्गंध व कचरे के पहाड़ से जल्द मिलेंगी आज़ादीशहर की स्वच्छता और पर्यावरण की दृष्टि से नगर आयुक्त ने उठाया बड़ा कदम-महापौर ने कार्रवाई को सराहानगर आयुक्त ने ए-टू-ज़ेड वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया गया अनुबंध तत्काल प्रभाव से किया समाप्तनगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने अलीगढ़ की स्वच्छता व पर्यावरण प्रभावी बनाने के दृष्टिगत दीपावली पर शहर वासियों को स्वच्छता का एक बड़ा तोहफा के रूप में एक अहम निर्णय लेते हुए वर्षो पुराने ए-टू-ज़ेड वेस्ट मैनेजमेंट प्रा. लि.के साथ नगर निगम द्वारा किए गए अनुबंध को निरस्त कर दिया है।
शहर की साफ सफाई को बेहतर बनाने कचरा प्रबंधन की दिशा में नगर आयुक्त की यह कार्रवाई काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में अलीगढ़ नगर निगम ने नगरीय कचरे के वैज्ञानिक तरीक़े से निस्तारण कराये जाने व पुराने कचरे (Legacy Waste) के निस्तारण, कचरे के उत्पादन ठोस कचरे के बेहतर निस्तारण, पर्यावरणीय संतुलन और दुर्गंध से राहत देने की योजना के दृष्टिगत रखते हुए शहर सीमा से बाहर 700 TPD (टन प्रति दिन) का प्लांट लगाने के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए भी कार्यवाही तेजी से शुरू कर दी है।ए-टू-ज़ेड वेस्ट मैनेजमेंट प्रा. लि. से अनुबंधनगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि नगर निगम द्वारा ए-टू-ज़ेड वेस्ट मैनेजमेंट प्रा. लि. के साथ 05 अप्रैल 2010 को अनुबंध किया गया था, जो 20 दिसंबर 2023 तक प्रभावी रहा। कम्पनी द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुपालन में लगातार लापरवाही बरते जाने एवं निर्धारित क्षमता के अनुरूप कूड़ा निस्तारण न किए जाने के कारण अनुबंध को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।
उन्होंने बताया कि अगले 12-15 महीने के भीतर सम्पूर्ण 12 लाख टन लेगेसी वेस्ट समाप्त करने की दिशा में प्रभावी विभागीय कार्यवाही तेज़ी से की जा रही है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार प्रतिदिन 220 मीट्रिक टन कूड़े के प्रोसेसिंग/निस्तारण की व्यवस्था कंपनी द्वारा की जानी थी, लेकिन मेरे द्वारा कई बार निरीक्षण में यह पाया गया कि ए-टू-ज़ेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट द्वारा मात्र 80 से 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन की प्रोसेसिंग ही की जा रही थी इससे शहर में कूड़े की मात्रा लगातार बढ़ रही थी तथा प्लांट के आसपास दुर्गंध एवं पर्यावरण भी प्रभावित होने की संभावना उत्पन्न हो रही थी।शहर सीमा से बाहर होगा नया प्रोसेसिंग प्लांटनगर आयुक्त ने बताया कि नया प्रोसेसिंग प्लांट शहर सीमा से लगभग 15 किलोमीटर बाहर बनाया जाएगा ताकि आने वाले 50 साल तक शहर दुर्गंध से रह मुक्त रह सकेगानगर आयुक्त का एक्शन नगर आयुक्त ने दिनांक 10 अगस्त 2025 को किए गए निरीक्षण में यह पाया गया कि ए-टू-ज़ेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की निष्क्रियता के कारण मथुरा रोड एवं आस-पास के क्षेत्रों में अवैध रूप से कूड़ा डंप किया जा रहा था जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिसके चलते उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भी आपत्ति दर्ज की गई तथा नगर निगम को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त 28 जुलाई 2025 को विभागीय जांच में भी प्लांट की कार्यक्षमता में 50% से अधिक कमी पाई गई।नही किया कोई सुधारनगर आयुक्त ने बताया कि कंपनी को कई बार सुधार के अवसर दिए गए साथ ही नोटिस जारी कर स्थिति सुधारने हेतु निर्देशित किया गया परंतु निर्धारित समय सीमा में कंपनी द्वारा न तो उत्पादन क्षमता में वृद्धि की गई और न ही अनुबंध की अन्य शर्तों का पालन हुआ। अनुबंध की धारा Article-12 (Termination Clause) के अंतर्गत यह पाया गया कि कंपनी की लगातार चूक Concessionaire Event of Default के अंतर्गत आती है जिससे अनुबंध समाप्ति का आधार बनता है।इसलिए नगर निगम अलीगढ़ द्वारा 05.04.2010 को किए गए अनुबंध को 20.12.2023 की प्रभावी अवधि सहित तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया गया।महापौर ने कहा महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा शहरवासियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में नगर आयुक्त की ये कार्रवाई सराहनीय कदम है शहर की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।।



