उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) ने रबी की फसलों में कीट प्रबंधन की दी जानकारी
रबी की फसलों सरसांे, चना, मटर, गेंहॅू, जौ एवं मसूर की बुबाई चल रही है

अलीगढ़ : उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) डॉ सतीश मलिक ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया है कि रबी की फसलों सरसांे, चना, मटर, गेंहॅू, जौ एवं मसूर की बुबाई चल रही है। उन्होंने बताया कि किसान भाई स्वस्थ फसल व अधिक उत्पादन के लिये बीज को शोधित करके ही बोयंे जिससे शुरूआत में कीट रोग कम लगते है। सरसांे के बीज को थीरम 75 प्रतिशत एवं कार्बन्डाजिम 50 डब्लूपी से बीज शोधित करें। चना, मटर, मसूर को ट्राइकोडरमा 2-4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज या कार्बन्डाजिम 50 डब्लूपी 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज को शोधित करें। गेंहू एवं जौ को शोधित करने के लिये कार्बाेक्सिन 37.5 प्रतिशत $ थीरम 37.5 प्रति 3 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज या कार्बन्डाजिम से 50 प्रतिशत डबलूपी से 2ग्राम प्रति किलोग्राम बीज फफूंद नाशक से उपचारित करें, दीमक की क्लोरोपाइरीफॉस 20प्रति0 ई0सी0 4एम0एल0 प्रति किग्रा बीज उपचारित करें। अन्त में एजोटोबैक्टर कल्चर या पी0एस0वी0 कल्चर से 5ग्राम प्रति किग्रा बीज को बीज उपचारित कर बुवाई करें उन्होंने बताया कि सरसों की अगेती फसल लगभग 1 महीने की हो चुकी है, जिसमें आरा मक्खी की काले भूरे रंग की सूडियॉ किनारो से शुरूआती अवस्था में हानि पहुॅचाती हैं, यह सूडियॉ पत्तीयो को सुबह और शाम के समय काटती हैं इसके नियंत्रण के लिये मैलाथियान 5 प्रतिशत धूल 20-25 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर बुरकाव करना चाहिये या मैलाथियान 50 प्रतिशत ईसी की 1.5 लीटर मात्रा 700-800 लीटर पानी में धोलकर प्रति हैक्टेयर छिडकाव करें। अधिक जानकारी के लिये जनपद के कृषि अधिकारी से सम्पर्क कर समस्या का निदान समय से कराएं। अन्य किसी कृषि रक्षा सम्बधी समस्या के लिये वाट्सअप नं0 9452247111 एवं 9452257111 पर फोटो खींचकर डाल दें या समस्या लिखकर भेजें और निदान दो दिन के अन्दर पायें।



