
-संजीव रंजन, डीएम अलीगढ़ : युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालकर उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य देने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंटेलिजेंस, नारकोटिक्स सेल, अभिसूचना विभाग एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे आपसी समन्वय से सशक्त सूचना तंत्र विकसित करें, ताकि नशे की चपेट में आए लोगों को समय रहते चिन्हित कर उन्हें नई जिंदगी की ओर लौटाया जा सके।जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि नशा किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे परिवार की पीड़ा और समाज के भविष्य पर चोट है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति अत्यंत गंभीर विषय है। एक युवा यदि नशे का आदी हो जाता है, तो उसके सपनों के साथ-साथ परिवार की उम्मीदें भी टूटती हैं। प्रशासन का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि नशे से जूझ रहे प्रत्येक व्यक्ति को उपचार, परामर्श और पुनर्वासन के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है।डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को चिन्हित कर उसकी जड़ों पर प्रहार किया जाए। यह पता लगाया जाए कि नशा कहां से आ रहा है, कौन लोग इसमें संलिप्त हैं और उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी युवा इस दलदल में न फंसे।बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी सर्जना सिंह ने बताया कि जनपद में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अब तक 127 मुकदमे पंजीकृत किए गए हैं। साथ ही 22 नशे के आदी युवाओं, किशोरों एवं किशोरियों को रिकवर किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट ने इन सभी के प्रभावी पुनर्वासन के निर्देश देते हुए कहा कि उपचार के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं।सीओ सर्जना सिंह ने बताया कि रिकवर किए गए बालकों को ताला नगरी में संचालित किशोर पुनर्वासन केंद्र तथा बालिकाओं को गाजियाबाद स्थित पुनर्वासन केंद्र भेजा गया है, जहां उन्हें सुरक्षित वातावरण में परामर्श, चिकित्सा एवं सामाजिक पुनर्स्थापन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव ने दो टूक कहा कि नशा मुक्ति अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को बचाने का संकल्प है। हर वह हाथ जो नशे की ओर बढ़ रहा है, उसे थामकर सही राह पर लाना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि अलीगढ़ का भविष्य स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल बन सके।



