अलीगढ़

फर्जी दस्तावेज़ों पर बना हैसियत प्रमाण पत्र निरस्त, ठेकेदार पर जालसाजी का आरोप

अलीगढ़/बरेली: फर्जी तथ्यों और कूटरचित दस्तावेज़ों के आधार पर प्राप्त किया गया

अलीगढ़/बरेली: फर्जी तथ्यों और कूटरचित दस्तावेज़ों के आधार पर प्राप्त किया गया हैसियत प्रमाण पत्र प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। मामला बरेली के अवध विहार, मिथिलापुरी निवासी ठेकेदार नीरज भाटिया से जुड़ा है, जिसने कथित रूप से भूमि स्वामित्व से संबंधित तथ्यों को छिपाकर हैसियत प्रमाण पत्र बनवाया था।सूफी टोला, पुराना शहर निवासी जावेद सिद्दीकी द्वारा प्रस्तुत शिकायती प्रार्थना पत्र के आधार पर प्रकरण की जांच अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) बरेली से कराई गई। जांच आख्या में यह तथ्य सामने आया कि नीरज भाटिया ने हैसियत प्रमाण पत्र के लिए किए गए आवेदन में अपनी भूमि का पूर्ण भाग दर्शाया, जबकि अभिलेखों के अनुसार वह उस भूमि का केवल आंशिक स्वामी था।अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की जांच रिपोर्ट के अनुसार, विक्रय पत्रों से स्पष्ट हुआ कि आवेदक ने अपने हिस्से की भूमि का एक बड़ा भाग पूर्व में ही विक्रय कर दिया था। इसके बावजूद आवेदन में तथ्यों को छिपाते हुए गलत विवरण प्रस्तुत किया गया और 20 अप्रैल 2023 को 22 लाख रुपये मूल्य का हैसियत प्रमाण पत्र निर्गत करा लिया गया।जांच में जालसाजी की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने नीरज भाटिया के नाम से जारी हैसियत प्रमाण पत्र संख्या 202310000292 को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि उक्त प्रमाण पत्र का पूर्व में किया गया अथवा भविष्य में किया जाने वाला कोई भी उपयोग अवैध माना जाएगा। यदि इस प्रमाण पत्र के आधार पर किसी प्रकार की देयता बनती है, तो उसकी वसूली संबंधित व्यक्ति से की जाएगी। प्रशासनिक कार्रवाई से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकारी प्रक्रियाओं में फर्जीवाड़ा और तथ्यों को छिपाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

JNS News 24

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