लाइफस्टाइल
आज भी करोड़ों लोग सुरक्षित पीने योग्य पानी से वंचित हैं
दुनिया भर में हर साल लगभग 8 से 10 लाख लोगों की मौत गंदे और अशुद्ध पानी के कारण होती

अलीगढ़: आज भी करोड़ों लोग सुरक्षित पीने योग्य पानी से वंचित हैं. कहीं पानी खारा है, तो कहीं गंदगी और बैक्टीरिया से भरा हुआ है, जिससे गंभीर बीमारियां तेजी से फैल रही हैं. एएमयू के भूगोल विज्ञान विभाग के शोधकर्ता आकिब मीर बताते हैं कि यह समस्या सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है. आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में हर साल लगभग 8 से 10 लाख लोगों की मौत गंदे और अशुद्ध पानी के कारण होती है. भारत में वर्ष 2014 से 2018 के बीच करीब 10 से 12 हजार लोगों की जान पानी से फैलने वाली बीमारियों की वजह से गई है.
गंदे पानी से फैलने वाली बीमारियां
आकिब मीर बताते हैं कि खारे या गंदे पानी के सेवन से डायरिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस, ई-कोलाई जैसी गंभीर बीमारियां फैलती हैं. इनका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होता है. इसलिए पानी को शुद्ध और सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है.
आम तौर पर क्लोरीन, आयोडीन और फिल्ट्रेशन जैसे तकनीकी तरीके मौजूद हैं, लेकिन सही जानकारी के बिना इनका इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके अपनाना बेहतर विकल्प है.
आकिब मीर बताते हैं कि खारे या गंदे पानी के सेवन से डायरिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस, ई-कोलाई जैसी गंभीर बीमारियां फैलती हैं. इनका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होता है. इसलिए पानी को शुद्ध और सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है.
आम तौर पर क्लोरीन, आयोडीन और फिल्ट्रेशन जैसे तकनीकी तरीके मौजूद हैं, लेकिन सही जानकारी के बिना इनका इस्तेमाल नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके अपनाना बेहतर विकल्प है.
घर पर पानी को शुद्ध करने के सरल तरीके
1. पानी को उबालें
पानी को कम से कम 10–15 मिनट तक उबालकर किसी साफ बर्तन में ठंडा होने के लिए रख दें. यह सबसे सरल और प्रभावी तरीका है, जिससे पानी पीने योग्य बन जाता है.
2. नीम के पत्तों का इस्तेमाल
नीम में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पानी में मौजूद कीटाणुओं को नष्ट कर देते हैं. बर्तन में पानी लेकर उसमें 6–7 नीम के पत्ते डालें और लगभग आधे घंटे तक छोड़ दें. इसके बाद पानी पीने योग्य हो जाता है.
3. तांबे के बर्तन में पानी रखना
तांबे में प्राकृतिक गुण होते हैं, जो हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं. पानी को तांबे के बर्तन में 8–10 घंटे तक रखकर, कपड़े से छानकर पीने योग्य बनाया जा सकता है.
4. मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल
ग्रामीण इलाकों में आज भी मिट्टी के बर्तन में पानी रखने की परंपरा है. मिट्टी का घड़ा पानी को ठंडा रखने के साथ-साथ उसे कुछ हद तक शुद्ध भी करता है. 8-10 घंटे तक बर्तन में रखा पानी पीने के लिए सुरक्षित माना जाता है.
5. फिटकरी का प्रयोग
एक छोटे टुकड़े की फिटकरी पानी में डालकर आधे घंटे के लिए छोड़ दें. इससे पानी में मौजूद गंदगी नीचे बैठ जाती है और ऊपर का साफ पानी छानकर इस्तेमाल किया जा सकता है.
1. पानी को उबालें
पानी को कम से कम 10–15 मिनट तक उबालकर किसी साफ बर्तन में ठंडा होने के लिए रख दें. यह सबसे सरल और प्रभावी तरीका है, जिससे पानी पीने योग्य बन जाता है.
2. नीम के पत्तों का इस्तेमाल
नीम में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पानी में मौजूद कीटाणुओं को नष्ट कर देते हैं. बर्तन में पानी लेकर उसमें 6–7 नीम के पत्ते डालें और लगभग आधे घंटे तक छोड़ दें. इसके बाद पानी पीने योग्य हो जाता है.
3. तांबे के बर्तन में पानी रखना
तांबे में प्राकृतिक गुण होते हैं, जो हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं. पानी को तांबे के बर्तन में 8–10 घंटे तक रखकर, कपड़े से छानकर पीने योग्य बनाया जा सकता है.
4. मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल
ग्रामीण इलाकों में आज भी मिट्टी के बर्तन में पानी रखने की परंपरा है. मिट्टी का घड़ा पानी को ठंडा रखने के साथ-साथ उसे कुछ हद तक शुद्ध भी करता है. 8-10 घंटे तक बर्तन में रखा पानी पीने के लिए सुरक्षित माना जाता है.
5. फिटकरी का प्रयोग
एक छोटे टुकड़े की फिटकरी पानी में डालकर आधे घंटे के लिए छोड़ दें. इससे पानी में मौजूद गंदगी नीचे बैठ जाती है और ऊपर का साफ पानी छानकर इस्तेमाल किया जा सकता है.



