भारतीय माली समाज उत्थान एवं विकास समिति अलीगढ़ एवं सैनी समाज के विभिन्न संगठनों द्वारा राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले के जन्मोत्सव पर पांचवा वैवाहिक परिचय सम्मेलन 3 जनवरी को होगा संपन्न
कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं एवं प्रबुद्ध जनों का किया जाएगा सम्मान

भारतीय माली ( सैनी )समाज उत्थान एवं विकास समिति अलीगढ़ एवं ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज , सैनी युवा जन क्रांति मोर्चा एवं सैनी शाक्य मौर्य कुशवाहा समाज द्वारा भारत की प्रथम महिला शिक्षिका राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जी के जन्मोत्सव पर पांचवा विशाल वैवाहिक परिचय सम्मेलन एवं मेधावी छात्र छात्राओं का सम्मान प्रवुद्ध जनों सम्मान समारोह का आयोजन दिनांक 3 जनवरी 2026 दिन शनिवार को रतन प्रेम डीएवी बालिका इंटर कॉलेज नौरंगाबाद जीटी रोड अलीगढ़ पर आयोजित किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष टैक्स एडवोकेट मुकेश कुमार सैनी ने की । कार्यक्रम का संचालन राजकुमार सैनी ने किया । कार्यक्रम का प्रारंभ सर्वप्रथम राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जी के चित्र पर अध्यक्ष मुकेश कुमार सैनी टैक्स एडवोकेट , डॉ मानवेंद्र प्रताप सिंह जी एम .एल .सी. , महानगर अध्यक्ष ई . राजीव शर्मा, महासचिव राकेश सैनी लंबरदार , डॉ अशोक सैनी , जवाहलाल बघेल , पूर्व विधायक पूर्व मंत्री चौधरी महेंद्र सिंह, रवि सैनी एडवोकेट आदि ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया । राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जी के जन्मोत्सव पर विचार गोष्ठी में डॉ मानवेंद्र प्रताप सिंह एम एल सी, पूर्व मंत्री चौधरी महेंद्र सिंह जी , जिला अध्यक्ष लक्ष्मी धनगर, द्वारा उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला । वक्ताओं ने कहा राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जी का जन्म 3 जनवरी 1831को हुआ था इनके पिता का नाम खानदोजी नवेसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था । सावित्री बाई फुले का विवाह 1841 में महात्मा ज्योतिबा फुले से हुआ था सावित्री फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थी महात्मा ज्योतिबा को महाराष्ट्र और भारत में सामाजिक सुधार आंदोलन में एक सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में जाना जाता है उनको महिलाओं और पिछड़े वर्गों को शिक्षित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है । ज्योतिबाराव जो बाद में ज्योतिबा के नाम से जाने गए सावित्रीबाई के संरक्षक गुरु और समर्थक थे । सावित्रीबाई ने अपने जीवन को एक मिशन की तरह से दिया जिसका उद्देश्य था विधवा विवाह करवाना छुआछूत मिटाना महिलाओं की मुक्ति और महिलाओं को शिक्षित बनाना वे एक कवित्री भी थी उन्हें मराठी कवित्री के रूप में भी जाना जाता है । शिक्षा के क्षेत्र सावित्रीबाई फुले का बहुत बड़ा योगदान है । 10 मार्च 1897 को प्लेग के कारण सावित्रीबाई फुले जी का निधन हो गया ।
प्लेग महावारी में सावित्रीबाई फुले प्लेग के मरीज की सेवा करती थी । एक प्लेट के छूत से प्रभावित बच्चों की सेवा करने के कारण इनको भी छूत लग गया और इसी कारण से उनकी मृत्यु हुई । सैनी कुशवाहा शाक्य मौर्य समाज के विवाह योग्य युवक युवतियों का परिचय कराया गया । हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट एवं समकक्ष में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया । तथा समाज के प्रबुद्ध जनों गणमान्य जनों , अतिथियों का सम्मान भी किया गया । अंत अध्यक्ष मुकेश कुमार सैनी एडवोकेट ने कहा अतिथियों , विशिष्ट अतिथियों , कार्यक्रम में सभी लोगों का , मातृशक्ति का , सभी सम्मानित प्रेस रिपोर्टरों का , सभी सम्मानित मीडिया का बहुत बहुत धन्यवाद करता हूं । कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुकेश कुमार सैनी टैक्स एडवोकेट, राकेश सैनी लंबरदार , रवि सैनी एडवोकेट, अमित सैनी, बंटू सैनी, गौरव सैनी, गणेश सैनी , डॉ चेतन सैनी , सुरजीत सैनी , अनिल वर्मा, सी ए तरुण कुमार सैनी गोपाल सैनी , जवाहरलाल वघेल एडवोकेट , सतीश नायक , मुन्ना लाल कश्यप, प्रकाश वीर कुशवाहा , राधेश्याम सैनी , कालीचरण सैनी , मोहन लाल , नीरज सैनी , बंटू सैनी , अमित सैनी , संदीप सैनी , सतीश नायक , विष्णु कुशवाहा , मंजू सैनी , मनोज सैनी , ब्रज किशोर सैनी , गिर्राज सैनी , विनोद बिहारी सैनी , श्यौराज सैनी , राकेश सैनी , विष्णु कुमार , राकेश कुमार शर्मा एडवोकेट, वी बी मिश्रा एडवोकेट, विनोद कुमार शर्मा एडवोकेट, नितेंद्र कुमार सिंह एडवोकेट, सूरज सैनी, मुन्ना लाल कुशवाहा, आदि उपस्थित थे



