दूषित पेयजल की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन सख्त, सुरक्षित जलापूर्ति के दिए निर्देश
डीएम ने नगर निगम समेत सभी ईओ के साथ की समीक्षा बैठक

-संजीव रंजन, डीएम
अलीगढ़ : जनपदवासियों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में बुधवार को कलैक्ट्रेट सभागार में बैठक आहुत की गई। बैठक में डीएम ने जिले में पाइपलाइन के माध्यम से की जा रही पेयजल आपूर्ति को पूरी तरह सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।जिलाधिकारी ने प्रत्येक ट्यूूबवेल की अनिवार्य रूप से हर तीन माह में जांच कराने, पाइपलाइन फटने अथवा लीकेज के संभावित स्थलों का सर्वे कर सुरक्षा सुनिश्चित करने और इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए किसी घटना का इंतजार न करते हुए पहले से सतर्क रहना आवश्यक है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।महाप्रबन्धक जल नगर निगम पी0के0 सिंह ने बताया कि नगर निगम द्वारा पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि नागरिकों को शासनादेशों के अनुरूप अनिवार्यता के साथ शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच के लिए बैक्टीरियोलॉजिकल, फिजिकल एवं केमिकल परीक्षण त्रैमासिक रूप से अनिवार्य किए गए हैं। केमिकल जांच में टीडीएस की मान्य सीमा 500 से 2000 मिलीग्राम प्रति लीटर तक है तथा जिले के पेयजल में फ्लोराइड की कोई समस्या नहीं है। उन स्थानों का चिन्हीकरण कर त्वरित मरम्मत कराई जाएगी, जहां पेयजल लाइनें सीवर या नालों को क्रास करने के कारण क्षतिग्रस्त होकर प्रदूषण का कारण बन रही हैं।उन्होंने बताया कि अवैध एवं मानक के विपरीत व्यक्तिगत जल संयोजनों पर रोक लगाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि नागरिक जलापूर्ति के समय ही सही तरीके से पानी प्राप्त करें और वितरण लाइनों को नुकसान से बचाया जा सके। नगर निगम के अभियन्ता एवं जोनल प्रभारी को स्थानीय अस्पतालों से जलजनित रोगों की जानकारी लेकर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल लीकेज की नियमित मरम्मत, प्रदूषित जल की पुनरावृत्ति वाले स्थलों की पहचान और नलकूपों व जलाशयों में प्रतिदिन क्लोरीनेशन भी सुनिश्चित कराया जा रहा है।सहायक नगर आयुक्त राकेश कुमार ने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों और समन्वित प्रयासों से शहरवासियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुरूप नियमित जलापूर्ति बनाए रखने के लिए टैंकरों से वैकल्पिक व्यवस्था भी कराई जाती है। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन पंकज कुमार समेत अवर अभियंता, सहायक अभियंता, जोनल अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।



