शिक्षकों के महानायक स्व. ओम प्रकाश शर्मा के परिनिर्माण दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया याद
इकट्ठे रहो,नहीं तो मिट जाओगे....

शिक्षकों के महानायक स्व. ओम प्रकाश शर्मा के परिनिर्माण दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया यादलगभग आधी सदी (48वर्ष) तक सड़क से सदन तक शिक्षक संघर्ष का पर्याय बने शिक्षक राजनीति के युग पुरुष,जिनके भगीरथ प्रयासों से समूची शिक्षक बिरादरी ‘शून्य से शिखर’ की यात्रा की साक्षी बनी, ऐसे महानायक स्व० ओम प्रकाश शर्माजी को उनके परिनिर्माण दिवस पर जनपद अलीगढ़ की समस्त इकाई शाखाओं के .एंड एस .आर. एम. बी . इंटर कॉलेज अतरौली , गोपीराम पालीवाल इ०का०, हीरालाल बारहसैनी इ०का०,एस०एम०बी० इ०का०, धर्म समाज इ०का० माहेश्वर इ०का० आदि में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर अश्रुपूरित श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। लगातार 48 वर्षों तक विधान परिषद में शिक्षकों के हक के लिए संघर्षरत रहे शिक्षकों के महा नायक ने आज के ही दिन अंतिम सांस ले कर इस दुनिया को अलविदा कहा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की इकाई शाखा बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज में भी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया इसमें 24 वर्षों तक लगातार सदस्य विधान परिषद रहे माननीय जगवीर किशोर जैन, प्रांतीय मंत्री श्री देवेंद्र कुमार यादव, पूर्व जिला मंत्री के०पी० सिंह, महेश कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य अम्बुज जैन,वर्तमान जिला मंत्री मोहित जैन, शाखा मंत्री कौशल किशोर गौतम, संयोजक प्रचार समिति डा० जयवीर उपाध्याय,प्रदीप कुमार जैन,राकेश सिंह, शक्ति प्रकाश, सुरेश चंद्र,प्रदीप जैन प्रवक्ता, मनीष जैन, महेश चन्द्रा, राजेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे। मा०जैन साहब ने बताया कि सन् 1965 से शर्मा जी ने परीक्षा का वहिष्कार कर आंदोलन का आरंभ किया उसके बाद वेतन वितरण अधिनियम, आदि अनेकों आंदोलन शिक्षक हित के लिए किए।
एक शिक्षक के लत्तों में ही लिपट कर इस भौतिक जगत से कूच करने की जिद का संकल्प लिए स्व० शर्माजी ने अपने देहावसान से महज चंद घंटों पूर्व ही अपनी अंतिम शिक्षक सभा को सम्बोधित करते हुए कहा था कि ‘इकट्ठे रहो,नहीं तो मिट जाओगे’।
उनके परिनिर्माण दिवस पर उनके अंतिम संदेश को आत्मसात करते हुए एन पी एस का परित्याग कर ओ पी एस की बहाली, निशुल्क चिकित्सा सुविधा सहित शिक्षक हित में सरकार से अन्य मांगों को मनवाने तक संघर्ष की मशाल को जलाए रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।



