सरकार की पहल से जिले में सुदृढ़ हुई स्वास्थ्य सेवाएं, आमजन को मिल रहा भरोसेमंद उपचार
योगी सरकार जनहित में लगातार उपलब्ध करा रही संसाधन

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य नीतियों का सकारात्मक प्रभाव जिले में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में अत्याधुनिक सुविधाओं के विस्तार से गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को न केवल समय पर उपचार मिल रहा है, बल्कि उन्हें नया जीवन भी प्राप्त हो रहा है। जिलाधिकारी संजीव रंजन के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम.के. माथुर ने बताया कि चिकित्सालय में आईसीयू एवं वेंटीलेटर सेवाएं चौबीसों घंटे संचालित हैं। वेंटीलेटर सुविधा के अभाव में किसी भी मरीज को रेफर नहीं किया जाता। न्यूरो, नेफ्रो एवं हृदय रोग जैसे अति संवेदनशील मामलों में ही उच्चस्तरीय उपचार हेतु अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है, जिससे मरीजों को बेहतर विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध हो सके। चिकित्सालय में पीपीपी मॉडल पर आधारित डायलिसिस सेंटर सफलतापूर्वक संचालित है, जहां 10 बेड उपलब्ध हैं। तीन शिफ्टों में प्रतिदिन लगभग 27 से 30 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। जनवरी 2025 से अब तक हजारों किडनी रोगी इस सुविधा से लाभान्वित हो चुके हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को निजी अस्पतालों की महंगी सेवाओं से राहत मिली है।इसके अतिरिक्त अस्पताल में सामान्य, आईओटी एवं गायनी ओटी सेवाएं 24×7 उपलब्ध हैं। चार ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह क्रियाशील हैं। अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे एवं पैथोलॉजी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं, जिनसे प्रतिमाह हजारों मरीज लाभ उठा रहे हैं। प्रसव सेवाओं में भी चौबीसों घंटे सी-सेक्शन की सुविधा उपलब्ध है। पीकू वार्ड की स्थापना की जा चुकी है और मानव संसाधन की कमी को दूर कर इसके शीघ्र संचालन के प्रयास जारी हैं। मुख्य अधीक्षक ने बताया कि चिकित्सालय में कुल 36 चिकित्सक, नियमित एवं संविदा, सेवाएं दे रहे हैं। उपलब्ध मानव संसाधन और आधुनिक उपकरणों के समुचित उपयोग से जनमानस को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं और किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। जनपदवासियों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में इस स्तर की सुविधाएं उपलब्ध होना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह पहल न केवल जीवन बचा रही है, बल्कि सरकार की संवेदनशील, जिम्मेदार और जनहितैषी छवि को भी मजबूत कर रही है।



