लोगों की अंतिम संस्कार सम्बन्धी समस्या का निदान करने पहुँचे नगर आयुक्त
7 वार्डो में दाह संस्कार के लिए शमशान की समस्या का जल्द होगा निदान

नगर आयुक्त ने नगला आशिक़ अली वार्ड 44 वाल्मीकि शमशान का किया निरीक्षण- निर्माण विभाग को तत्काल बॉउंड्री वाल, आंतरिक सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देशजल्द भव्य व आवश्यक सुविधाओं से पूर्ण होगा बाल्मिकी शमशान घाट-वार्ड संख्या 44 स्थित बाल्मीकि शमशान भूमि की अव्यवस्थाओं एवं स्थानीय निवासियों द्वारा दिए गए पत्र को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने शनिवार दोपहर अधीनस्थों के साथ वार्ड 44 नगला आशिक़ अली(कमेला रोड) मौके पर जाकर निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि शमशान घाट की चारदीवारी काफ़ी वर्षों से कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके कारण सुरक्षा एवं साफ सफाई संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। श्मशान घाट तक पहुँचने वाला मार्ग भी जर्जर स्थिति में है जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मौके पर सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यो प्रकाश व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई।नगर आयुक्त ने निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजवीर सिंह को तत्काल शमशान घाट के चारों ओर मजबूत बाउंड्री वॉल का निर्माण कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही शमशान घाट को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क एवं आंतरिक मार्गों के आरसीसी निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा ताकि कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कराकर जल्द शुरू कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने प्रभारी अधिकारी उद्यान डॉ. राजेश वर्मा को निर्देशित किया कि शमशान परिसर में उगी पुरानी एवं अव्यवस्थित झाड़ियों तथा सूखे पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई कर परिसर को व्यवस्थित किया जाए व साथ ही नए पौधों का रोपण कर परिसर को ग्रीन बनाया जाए तथा दाह संस्कार करने आने वाले लोगों की सुविधा हेतु बैठने के लिए बेंच आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को प्राथमिकता पर लेते हुए शीघ्र पूर्ण कराया जाए जिससे लगभग इस शमशान का इस्तेमाल करने वाले लगभग 7 वार्डो के स्थानीय नागरिकों को समुचित अंतिम संस्कार स्थल उपलब्ध हो सके।नगर आयुक्त ने कहा नगर निगम नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और जनहित कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



