अलीगढ़

रामा देवी भवन (सुदामापुरी) प्रकरण में अवैध तोड़फोड़ पर नगर आयुक्त ने लिया एक्शन

-बिना अनुमति तोड़ फोड़ करने पर नगर निगम हुआ सख्त

प्रकरण में नगर निगम ने दर्ज करायी एफआईआरशुक्रवार को नगर निगम के क्षेत्रीय अवर अभियंता द्वारा निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा बिना किसी विधिक अधिकार एवं बिना नगर निगम अथवा पुलिस प्रशासन को सूचित किए, बलपूर्वक एवं भय का वातावरण बनाकर रामघाट रोड स्थित मीनाक्षी टॉकीज के सामने सुदामापुरी क्षेत्र में स्थित रामा देवी भवन के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की जा रही थी। इस दौरान वहाँ निवास कर रहे परिवारों में भय एवं आक्रोश की स्थिति को देखते हुए अवर अभियंता जगवीर सिंह ने इस निर्माण कार्यो को रोकने के लिए कहा मौके पर विरोध करने पर संबंधित व्यक्तियों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग एवं धमकी दी गई।नगर आयुक्त ने कहा घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है प्रकरण का संज्ञान में आते ही दोषियों के विरुद्ध तत्काल विधिक कार्रवाई के लिए सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह को निर्देश दिए गए है नगर निगम के अवर अभियंता की ओर से सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज करायी जा रही है।प्रकरण एक नज़र मेंनगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि रामघाट रोड स्थित मीनाक्षी टॉकीज के सामने सुदामापुरी क्षेत्र में स्थित रामा देवी भवन संख्या 2/206, जो अत्यधिक पुराना एवं जर्जर अवस्था में है के संबंध में पूर्व में विधिक कार्यवाही की जा चुकी है। उक्त भवन की जीर्ण-शीर्ण स्थिति को देखते हुए नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत दिनांक 01.10.2024 को भवन स्वामी एवं किरायेदारों को नोटिस जारी किया गया था। इसके अतिरिक्त भवन को गिराए जाने के संबंध में विभिन्न दैनिक समाचार पत्रों में भी सार्वजनिक सूचनाएँ प्रकाशित कराई गई थीं।उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा रिट याचिका संख्या 6490/2025 में दिनांक 03.07.2025 को नगर निगम, पुलिस एवं प्रशासन को विधि अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे साथ ही संबंधित आदेश के विरुद्ध दायर अवमानना याचिका संख्या 6197/2025 में नगर आयुक्त, नगर निगम अलीगढ़ की ओर से जवाब दाखिल किया गया जिसके उपरांत दिनांक 12.01.2026 को अवमानना याचिका निरस्त कर दी गई।उन्होंने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेशानुसार भवन को व्यवस्थित ढंग से खाली कराकर, उसमें निवासरत लगभग 40 परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से विधिक प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण किया जाना प्रस्तावित है, परन्तु बिना नगर निगम व जिला प्रशासन के संज्ञान में डाले कुछ व्यक्तियों द्वारा बिना अनुमति तोड़ फोड़ किया जाना, नियम विरुद्ध है व इस प्रकार की अवैध एवं अनधिकृत कार्यवाही न्यायालय के आदेशों के प्रतिकूल है तथा इससे जन-धन की हानि की आशंका उत्पन्न होती है। नगर निगम द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में थाना सिविल लाइन में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है।

JNS News 24

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