जिला चिकित्सालय एवं डीडीयू में अल्ट्रासाउण्ड सेवाएं सुचारू: जरूरतमंदों को मिल रहा है लाभ
अल्ट्रासाउण्ड, एक्स-रे व सीटी स्कैन सेवाएं रहें क्रियाशील

-जिलाधिकारी
अलीगढ़ : जिलाधिकारी संजीव रंजन ने जिला चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने के स्पष्ट निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर जांच व उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि मलखान सिंह जिला चिकित्सालय एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त जिला चिकित्सालय में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग के साथ वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।सीएमएस मलखान सिंह जिला चिकित्सालय डॉ जगवीर सिंह ने बताया कि चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट के पद रिक्त होने की स्थिति में गंभीर रोगियों एवं मेडिको-लीगल मामलों में तत्काल अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था की जा रही है। अस्पताल में एक अल्ट्रासाउंड मशीन तकनीकी कारणों से अनुपयोगी होने के बावजूद दूसरी मशीन से प्रतिदिन 50 से 60 जांचें नियमित रूप से कराई जा रही हैं। केसों की संख्या अधिक होने पर मरीजों को नियत तिथि देकर व्यवस्थित ढंग से जांच सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि प्राथमिकता के आधार पर गंभीर मरीजों की जांच तत्काल कराई जाए। सीएमएस ने बताया कि सीटी स्कैन सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में गंभीर मरीजों को बिना विलंब पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त जिला चिकित्सालय संदर्भित कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डीडीयू डॉक्टर एमके माथुर ने बताया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त जिला चिकित्सालय में आधुनिक हेल्थ एटीएम डिजिटल जांच मशीन पूर्णतः क्रियाशील है, जिसके माध्यम से प्रतिदिन 26 से 30 मरीजों की विभिन्न स्वास्थ्य जांचें की जा रही हैं। जिलाधिकारी ने इस सुविधा के अधिकतम उपयोग के निर्देश भी दिए हैं। जिलाधिकारी ने सीएमएस एवं सीएमओ को निर्देशित किया है कि डॉक्टरों की कमी एवं खराब उपकरणों के संबंध में शासन स्तर पर नियमित पत्राचार तेज किया जाए, साथ ही मरीजों से संवाद बढ़ाकर उन्हें उपलब्ध सुविधाओं की सही जानकारी दी जाए। सरकारी चिकित्सालयों में इलाज के लिए आने वाले किसी भी मरीज एवं तीमारदारों को अव्यवस्था या भ्रम के कारण परेशानी न उठानी पड़े।



