मृत्यु की सूचना समय से दें, अतिरिक्त पेंशन निकासी दंडनीय
प्रत्येक वर्ष पेंशनरों द्वारा जीवित प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाता है, जो एक वर्ष तक मान्य रहता है और उसी आधार पर पेंशन का निरंतर भुगतान किया

-वरिष्ठ कोषाधिकारी
अलीगढ़ : जनपद कोषागार द्वारा जिले के सिविल, बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा एवं विद्युत विभाग से संबंधित पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान किया जाता है। प्रत्येक वर्ष पेंशनरों द्वारा जीवित प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाता है, जो एक वर्ष तक मान्य रहता है और उसी आधार पर पेंशन का निरंतर भुगतान किया जाता है।वरिष्ठ कोषाधिकारी योगेश कुमार ने अवगत कराया है कि यदि इस अवधि में किसी पेंशनर अथवा पारिवारिक पेंशनर का निधन हो जाता है, तो नियमानुसार परिजनों द्वारा इसकी सूचना तत्काल कोषागार को दी जानी अनिवार्य है। किन्तु कुछ प्रकरणों में सूचना समय से प्राप्त न होने के कारण मृतक के खाते में पेंशन की धनराशि प्रेषित होती रहती है, जिससे अतिरिक्त भुगतान की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।ऐसी स्थिति में अतिरिक्त धनराशि की वसूली की प्रक्रिया प्रारंभ की जाती है, जो समयसाध्य होने के साथ-साथ परिजनों के लिए भी असुविधाजनक हो सकती है। यह भी संज्ञान में आया है कि कुछ मामलों में अतिरिक्त प्रेषित धनराशि एटीएम अथवा अन्य माध्यम से निकाल ली जाती है, जो कि शासकीय धन से संबंधित मामला होने के कारण विधिक दृष्टि से दंडनीय कृत्य है। इस संबंध में कठोर कार्यवाही की जा सकती है।वरिष्ठ कोषाधिकारी ने सर्वसाधारण से अपील की है कि पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनर के निधन की स्थिति में तत्काल कोषागार को लिखित सूचना उपलब्ध कराएं। यदि किसी कारणवश अतिरिक्त पेंशन का भुगतान हो गया हो, तो संबंधित बैंक खाते के माध्यम से बैंक ड्राफ्ट अथवा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार धनराशि कोषागार में जमा कर सहयोग करें। किसी भी स्थिति में परिजन एटीएम या अन्य माध्यम से उक्त धनराशि की निकासी न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में अतिरिक्त धनराशि का उपभोग कर लिया गया है और वापसी नहीं की जा रही है, वहां वसूली की कार्यवाही भू-राजस्व की भांति की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों की होगी। कोषागार प्रशासन ने जनहित में सभी नागरिकों से नियमों का पालन करने एवं शासकीय धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग की अपेक्षा की है।



