निजी पैथोलॉजी केंद्रों की जांच दरों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डीएम के सख्त निर्देश
सरकारी पैथोलॉजी लैबों पर जॉच में हुई रिकॉर्ड वृद्धि, मरीजों का बढ़ा भरोसा

अलीगढ़ जिले में संचालित निजी पैथोलॉजी केंद्रों पर विभिन्न जांचों की अलग-अलग दरों के संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी संजीव रंजन ने संवेदनशीलता के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी को मरीजों के हितों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत संवेदनशील विषय हैं और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले के सभी पंजीकृत निजी पैथोलॉजी केंद्र अपनी जांच दरों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करें, मरीजों को जांच से पूर्व स्पष्ट जानकारी दें और प्रत्येक जांच की विधिवत रसीद उपलब्ध कराएं। साथ ही अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।डीएम ने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत बजट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया है। बजट में सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता एवं स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले में भी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और जनोन्मुख बनाने के लिए सतत प्रयास किए जाएंगे, ताकि आमजन को किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. मोहन झा ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना विभाग की सतत प्राथमिकता है। सरकारी संस्थानों में पैथोलॉजी जांच सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सुलभ दरों पर गुणवत्तापूर्ण विकल्प उपलब्ध हो सकें।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अनेक आवश्यक पैथोलॉजी जांचें निःशुल्क अथवा रियायती दरों पर उपलब्ध हैं। प्रदेश सरकार द्वारा इन सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि आमजन को स्थानीय स्तर पर ही किफायती एवं विश्वसनीय जांच सेवाएं मिल सकें। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं पंजीकृत संस्थानों से ही जांच कराएं, जांच से पूर्व दरों की जानकारी प्राप्त करें और रसीद अवश्य लें। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं जांच के लिए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करें।
जिला चिकित्सालयों में पैथोलॉजी जांच में रिकॉर्ड वृद्धि:शासकीय अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच के बारे में यदि बात करें तो जनवरी से सितंबर 2024 में 35.12 लाख जाचें हुई थीं, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 42.33 लाख पहुंच गया। यानी कि 720142 अतिरिक्त जांच हुई। दीनदयाल अस्पताल में सर्वाधिक 308264 की वृद्धि दर्ज की गई। यदि बात करें ग्रामीण क्षेत्र में तो अकराबाद ब्लॉक में 137526 जवॉ में 51496 और गोंडा में 21705 जांचों का इजाफा हुआ। सरकारी पैथोलॉजी जांच के संबंध में डॉक्टर नीरज त्यागी का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा जांच सेवाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत किया गया है। पैथोलॉजी के साथ ही एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच में भी वृद्धि हो रही है। यह वृद्धि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का प्रमाण है।



