अलीगढ़

परियोजना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में साकार

मंडलायुक्त महोदय श्रीमती संगीता सिंह जी, आयुक्त महोदय श्री प्रेम प्रकाश मीणा जी के साथ शुभारंभ किया

शहर की तीसरी आँख हुई और पैनी-20 करोड़ की लागत से विश्व स्तरीय निर्मित नए I.C.C.C का हुआ उद्घाटन-एमएलसी, महापौर, कमिश्नर व नगर आयुक्त ने किया उद्घाटन नए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से शहर की सफाई, पेयजलापूर्ति, अतिक्रमण व स्ट्रीट लाइट बनेगी प्रभावी-नगर निगम की महत्वपूर्ण जनसुविधाए होगी इंटीग्रेटेकचरा उठान को प्रभावी बनने के लिए डोर टू डोर जाने वाले गाडियों की निगरानी, रूट, मैप इंट्रीग्रेटे- शहर की सभी स्ट्रीट लाइट का ऑटोमेशन की होगी निगरानी व जलने बुझाने व ख़राब होने पर रहेगी तीसरी नज़र

 

पेयजलापूर्ति के लिए जलकल विभाग के सभी ट्यूबवेलों का ऑटोमेशन होगा इंटीग्रेटेड-ताकि सटीक निगरानी व निर्धारित समय पर शहर को मिल सके जलापूर्तिस्मार्ट सफ़ाई व्यवस्था, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट व स्मार्ट पेयजलापूर्ति का प्रतीक बनेगा नया I.C.C.Cपहले से बेहतर तकनीक, सुरक्षित व अधिक क्षमता के गोपनीय डेटा स्टोरेज व पैनी नज़र से लैस हुआ नया I.C.C.C-एमएलसी, महापौर, कमिश्नर ने शहर की इस उपलब्धि पर जताया आभार-दी शुभकामनाएं

 

अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से शहर के हर कोने चौराहे, गली, मोहल्ले में स्वच्छता, पेयजलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण व सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगी पैनी नज़र-स्वच्छ व सुरक्षित शहरों की ओर अलीगढ़ नगर निगम ने बढ़ाया एक ओर कदमकल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर के 6 फ्लोर पर 17×6 मीटर की बड़ी स्क्रीन/डिस्प्ले व 1000 हाईटेक कैमरों व 3.2 पी.एम(पेटा बाइट) के साथ संचालित हो रहा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC)केंद्र सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा शहर के समग्र विकास सुशासन तथा नागरिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लगभग 20 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की स्थापना की गई है।नए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से नगर निगम के सभी पेयजल आपूर्ति करने वाले ट्यूबवेल का ऑटोमेशन, नगरीय क्षेत्र की सभी स्ट्रीट लाइट का ऑटोमेशन और घर घर जाकर कचरा उठाने वाली गाड़ियां का रूट, मैप, वाहनों का मूवमेंट, अतिक्रमण की निगरानी, ड्रोन से ख़ाली प्लांट को इंटीग्रेटे किया जा रहा है।

 

लगभग 17×6 डिस्प्ले/स्क्रीन, 1000 हाईटेक कैमरों व 3.2 पी.एम(पेटा बाइट) के साथ आधुनिक तकनीक पर आधारित शहर की स्वच्छता, पेयजलापूर्ति स्ट्रीट लाइट, यातायात व्यवस्था की गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी, डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली और त्वरित सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए शहर की तीसरी आँख बन गयी है जो शहर की स्वच्छता, पेयजलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट , सुरक्षा, यातायात व्यवस्था के लिए सेंट्रल नर्वस सिस्टम के रूप में काम करेगा।शनिवार को एम.एल.सी प्रोफेसर तारिक़ मंसूर महापौर प्रशान्त सिंघल, मंडलायुक्त संगीता सिंह नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के कर कमल से कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर के छटे/सातवें स्थल पर उद्घाटन करते हुए एमएलसी, महापौर, कमिश्नर ने नगर आयुक्त को शहर की सुरक्षा, यातायात व स्वच्छता में सुधार लाने के लिए रिकॉर्ड समय में इसे सेवा भवन से कल्याण सिंघ हैबिटेट सेंटर में शिफ़्ट करने, शहर की सुरक्षा में ICCC की भूमिका पर आभार जताते हुए (ICCC) में मौजूद पुलिस/नगर निगम व एफकॉन की तकनीकी टीम को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दी।उद्घाटन करने के उपरांत ICCC का निरीक्षण करते हुए एमएलसी, महापौर, कमिश्नर ने इसकी कार्यप्रणाली को देखा। कमिश्नर ने अपने समक्ष यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई के क्रम में चालान की कार्रवाई की प्रक्रिया को देखा। जिसमे नो हेलमेट पर वाहन बाइक संख्या UP81CH1402, ट्रिपलिंग पर वाहन बाइक संख्या UP81D01498 व रेड लाइट क्रोस करने पर कार वाहन DL-5CV-8776 चालान व सारसौल चौराहे पर जाम की स्थिति पर ICCC से अनाउसमेंट की कार्रवाई का भौतिक सत्यापन किया।

उद्घाटन कार्यक्रम में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने एमएलसी, महापौर, कमिश्नर के समक्ष ICCC की कार्यप्रणाली, कार्यक्षमता, निगरानी, नागरिक सुविधाओं में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

प्रजेंटेशन देते हुए नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि सेवा भवन में संचालित पुराना ICCC काफी छोटा था 5×3 साइज़ की डिस्प्ले स्क्रीन थी और मात्र 300 कैमरे संचालित थे तथा इसकी डेटा क्षमता 2 P. B थी। रिकॉर्ड समय में इसको कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में शिफ़्ट कराये जाने की प्रक्रिया की गई।

नगर आयुक्त ने बताया कि कल्याण सिंह हैबिटेट में संचालित होने वाला नया ICCC में आधुनिक तकनीकी, सुरक्षा स्मार्ट संचालन, स्मार्ट सर्विलांस, बेहतर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्ट्रीट लाइट का ऑटोमेशन, डोर टू डोर कचरा प्रबंधन, आईबी के सेफ्टी मानकों का समावेश होगा। जिसमे 17×6 मीटर की बड़ी स्क्रीन/डिस्प्ले पर एक ही समय में 1000 हाई टेक कमरों से शहर की निगरानी की जा सकेगी और इसकी क्षमता 3.2 पी.एम(पेटा बाइट) होगी।

♦️नगर निगम सफ़ाई, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण व पेयजलापूर्ति बनेगी प्रभावी♦️

शहर की सभी स्ट्रीट लाइट को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जा रहा है ताकि स्ट्रीट लाइट के बंद होने डिम होने अथवा खराब होने की तत्काल सूचना मिल सके और सूचना के आधार पर अगले 12 घंटे में लाइट ठीक करना होगा। इस व्यवस्था से शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइटों के बेहतर संचालन, नागरिकों को ऊर्जा की बचत, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा का लाभ मिलेगा।

घर-घर से कचरा उठाने वाले सभी वाहनों के निर्धारित, रुट, ड्राइवर, मैप के सम्पूर्ण विवरण को भी ICCC से इंट्रीग्रेटेड किया गया है ताकि इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की निगरानी से वाहनों पर पहली नजर रखी जा सकेगी।

उन्होंने बताया कि शहर में अतिक्रमण करने वाले लोगों को भी इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से चिन्हित किया जा रहा है उनको नगर निगम द्वारा नोटिस देने के उपरांत दोबारा अतिक्रमण करने पर इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से चिन्हित करते हुए कार्रवाई के लिए जल्द अभियान शुरु किया जाएगा।

उन्होंने बताया शहर की पेयजल आपूर्ति को प्रभावी बनाने के लिए पिछले दिनों नगरीय क्षेत्र के सभी ट्यूबवेल का ऑटोमेशन किया गया है इस ऑटोमेशन के तहत इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से सभी ट्यूबवेल को इंटीग्रेटेड कराया गया है ताकि सतत निगरानी के माध्यम से सभी ट्यूबवेलों की ख़राब होने, ठीक होने, चलने और बंद होने की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।

नगर आयुक्त ने बताया वर्तमान में शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर कुल 572 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनमें 64 पीटीजेड कैमरे और 227 फिक्स्ड कैमरे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए 108 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) 74 रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन, 74 वीडियो डिटेक्शन कैमरे तथा 16 स्पीड वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं। सुरक्षा को और मजबूत बनाने हेतु 8 रडार सिस्टम, 10 फेस रिकग्निशन सिस्टम तथा ड्रोन निगरानी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के 20 प्रमुख चौराहों पर एडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (ATCS) लागू किया गया है, जिससे यातायात प्रवाह को वास्तविक समय के अनुसार नियंत्रित किया जा रहा है सार्वजनिक सुरक्षा के लिए 40 पब्लिक एड्रेस सिस्टम, 40 इमरजेंसी कॉल बॉक्स, 25 वैरिएबल मैसेज डिस्प्ले, 30 आउटडोर एलईडी स्क्रीन और पर्यावरण निगरानी हेतु 10 सेंसर स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त ICCC परिसर में 50 से अधिक लोगों की क्षमता वाला कॉन्फ्रेंस हॉल और वीडियो वॉल से सुसज्जित प्रस्तुति व्यवस्था भी उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि आईसीसीसी में उन्नत एआई आधारित स्मार्ट एनालिटिक्स का उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से बिना हेलमेट वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग, गति सीमा उल्लंघन तथा अन्य यातायात अपराधों की स्वतः पहचान की जा रही है। किसी भी घटना की स्थिति में सिस्टम द्वारा तत्काल अलर्ट जारी किया जाता है, जिससे प्रशासन त्वरित कार्रवाई कर सके। इससे कानून प्रवर्तन की दक्षता बढ़ी है और मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता कम हुई है।

इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में स्थापित डेटा सेंटर में उच्च क्षमता वाले सर्वर और लगभग 3.2 टीबी स्टोरेज की सुविधा है, जो 24×7 निगरानी एवं डेटा प्रोसेसिंग सुनिश्चित करता है व 55 क्यूब वाले बड़े वीडियो वॉल के माध्यम से पूरे शहर की गतिविधियों पर एक साथ नजर रखी जा सकती है।

उन्होंने बताया कि मजबूत डिजिटल अवसंरचना के तहत लगभग 100 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाया गया है, जिससे सभी फील्ड उपकरण और चौराहे आपस में जुड़े हुए हैं। यह सुरक्षित और स्केलेबल संचार व्यवस्था भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की गई है।

उन्होंने बताया कि आईसीसीसी को नागरिक सेवाओं से जोड़ते हुए स्मार्ट ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म भी विकसित किया गया है, जिसमें संपत्ति कर प्रबंधन, जल कर बिलिंग, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, दस्तावेज प्रबंधन प्रणाली तथा ऑनलाइन नागरिक सेवाओं सहित अनेक मॉड्यूल शामिल हैं। इससे नागरिकों को “सिंगल विंडो” के माध्यम से सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं।

नगर आयुक्त ने बताया कि जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 24×7 संचालित ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम भी स्थापित किया गया है, जिसमें प्राप्त शिकायतों की निगरानी और ट्रैकिंग सीधे ICCC से की जाती है तथा अधिकांश मामलों का समाधान 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मण्डलायुक्त संगीता सिंह ने कहा अलीगढ़ स्मार्ट सिटी का यह इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शहर को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और नागरिक-हित योग्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। इसके माध्यम से यातायात सुधार, अपराध नियंत्रण, आपदा प्रबंधन तथा बेहतर शहरी सेवाओं का मार्ग सुगम बन रहा है।

एमएलसी प्रोफेसर तारिक़ मंसूर ने इस अवसर पर बधाई देते हुए कहा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) में दर्ज होने वाले डेटा की गोपनीयता को प्राथमिकता दी जाए व सुनिश्चित किया जाए कि किसी की भी व्यक्तिगत जानकारी लीक न हो।

महापौर प्रशान्त सिंघल ने कहा माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस नए ICCC की सौग़ात के लिए अलीगढ़ हमेशा केंद्र सरकार व प्रदेश सर का का ऋणी रहेगा। आने वाले समय में इस सौग़ात से अलीगढ़ सुरक्षित, अपराध मुक्त व भय मुक्त शहर बन सकेगा। इस उपलब्धि के लिए एक बार फिर मैं ह्दय से माननीय प्रधानमंत्री जी व माननीय मुख्यमंत्री जी का साधुवाद करता हूँ।

कार्यक्रम में पार्षद योगेश सिंघल, सद्दाम अशरवी, बॉबी कुमार, मुख्य अभियंता वी.के. सिंह, लेखाधिकारी भरत कुमार दुबे, शिवकुमार सुमन, सलेहीन मुर्तुजा, देशदीपक, मोनिषा, अहसान रब, शिवम मिश्रा आदि मौजूद थे।

JNS News 24

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