अलीगढ़ धनीपुर एयरपोर्ट और टप्पल लॉजिस्टिक पार्क: जेवर एयरपोर्ट के बाद विकास की नई उड़ान
अन्तर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी एवं निर्यात सेवाओं का स्थानीय निर्यातकों मिलेगा सीधा लाभ

अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे के बीच नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का लोकार्पण केवल एक हवाई अड्डे का उद्घाटन नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम है। विशेष रूप से अलीगढ़ में धनीपुर एयरपोर्ट और टप्पल क्षेत्र में विकसित हो रहा लॉजिस्टिक पार्क, इस बदलाव के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा जेवर एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद अलीगढ़ का धनीपुर एयरपोर्ट और टप्पल लॉजिस्टिक पार्क केवल सहायक परियोजनाएं नहीं रहेंगे, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास के इंजन बनेंगे। यह पहल “लोकल टू ग्लोबल” की अवधारणा को साकार करते हुए अलीगढ़ को एक मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करेगी। इस समन्वित विकास से आने वाले वर्षों में अलीगढ़ न केवल ताला नगरी के रूप में, बल्कि एक आधुनिक लॉजिस्टिक और निर्यात केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगा।धनीपुर एयरपोर्ट: क्षेत्रीय कार्गाे हब बनने की संभावनाएं:अलीगढ़ का धनीपुर एयरपोर्ट पहले से ही क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के अंतर्गत विकसित किया गया है। अब जेवर एयरपोर्ट के संचालन के बाद इसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। धनीपुर एयरपोर्ट को भविष्य में एक “फीडर कार्गाे हब” के रूप में विकसित किया जा सकता है, जहाँ से स्थानीय उत्पाद जैसे ताला उद्योग, हार्डवेयर, पीतल मूर्तियाँ, डेयरी उत्पाद तेजी से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचाए जा सकें।टप्पल लॉजिस्टिक पार्क: सप्लाई चेन का नया केंद्र: जेवर एयरपोर्ट के निकट टप्पल में विकसित हो रहा लॉजिस्टिक पार्क, इस पूरे इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान करेगा। सड़क, रेल और एयर तीनों माध्यमों से जुड़ा यह पार्क माल ढुलाई को सुगम और किफायती बनाएगा। बड़े स्तर पर वेयरहाउस, पैकेजिंग यूनिट और वितरण केंद्र स्थापित होने से ई-कॉमर्स और रिटेल कंपनियों को बड़ा लाभ मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए परिवहन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और सप्लाई चेन प्रबंधन में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।जेवर एयरपोर्ट के साथ तालमेल: विकास का त्रिकोणनोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, धनीपुर एयरपोर्ट और टप्पल लॉजिस्टिक पार्क मिलकर एक “इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक ट्रायंगल” का निर्माण करते हैं। जेवर एयरपोर्ट- अंतरराष्ट्रीय कार्गाे और यात्री सेवा का मुख्य केंद्र। धनीपुर एयरपोर्ट-क्षेत्रीय कार्गाे कलेक्शन और डिस्पैच हब एवं टप्पल लॉजिस्टिक पार्क- भंडारण, प्रोसेसिंग और वितरण का केंद्र बनेगा। यह त्रिकोण न केवल अलीगढ़, बल्कि आसपास के जिलों हाथरस, कासगंज, एटा, बुलंदशहर, मथुरा के औद्योगिक और कृषि उत्पादों को नई पहचान देगा।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी अलीगढ़: जिलाधिकारी संजीव रंजन का इस संबंध में कहना है कि जेवर एयरपोर्ट के संचालन के साथ ही अलीगढ़ जिले के लिए विकास के नए द्वार खुल रहे हैं। धनीपुर एयरपोर्ट को कार्गाे हब के रूप में विकसित कर और टप्पल लॉजिस्टिक पार्क के माध्यम से हम स्थानीय उद्योगों, विशेषकर एमएसएमई और कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। इससे न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार सृजन के व्यापक अवसर भी उपलब्ध होंगे। प्रशासन का प्रयास है कि अलीगढ़ को एक सशक्त लॉजिस्टिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए।



