जिला पोषण समिति की बैठक में पोषण एवं बाल विकास योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
एनआरसी होगी वातानुकूलित पूर्ण क्षमता से संचालन के दिए निर्देश, जुलाई में 21 बच्चे उपचारित

अलीगढ़ मुख्य विकास अधिकारी योगेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को विकास भवन सभागार में जिला पोषण समिति ए की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जनपद में संचालित बाल विकास एवं पोषण संबंधी विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना-पीएमएमवीवाई प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 202627 में 01 अप्रैल 2026 से 27 अगस्त 2026 तक जिले में 10,000 उपलब्धियां दर्ज की गई हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 54.3 प्रतिशत है। वहीं अगस्त माह में 01 से 27 अगस्त तक कुल 1,893 उपलब्धियां दर्ज की गईं, जो अगस्त माह के निर्धारित लक्ष्य का 123.4 प्रतिशत है। बैठक में पोषण ट्रैकर पर आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन की भी समीक्षा की गई। जिले में कुल 3,039 आंगनबाड़ी केन्द्रों के सापेक्ष 2,798 केन्द्र पोषण ट्रैकर पर खुले पाए गए एवं केन्द्र संचालन की कुल उपलब्धि 92.07 प्रतिशत रही। अधिकारियों द्वारा शत-प्रतिशत केन्द्रों के नियमित एवं प्रभावी संचालनके साथ ही पोषण ट्रैकर पर समय से सूचना दर्ज किए जाने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में आंगनबाड़ी केन्द्रों पर लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे टेक होम राशन-टीएचआर की फीडिंग स्थिति की समीक्षा में जुलाई 2026 में जिले की फीडिंग 80.64 प्रतिशत रही पोषण ट्रैकर पर बच्चों के वजन एवं लंबाई मापन की स्थिति की समीक्षा में जुलाई माह में जिले की मापन दक्षता 99.62 प्रतिशत दर्ज की गई। मई से जुलाई के मध्य जिले में सैम श्रेणी में 184 एवं मैम श्रेणी में 618 बच्चों की वृद्धि सहित कुल 802 बच्चों की वृद्धि दर्ज हुई। सीडीओ ने कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी, आवश्यक प्रबंधन एवं उपचार के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पोषण पुनर्वास केन्द्र-एनआरसी हो वातानुकूलित करते हुए पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए। जुलाई माह में 21 बच्चे उपचारित किए गए। आंगनबाड़ी केन्द्र भवनों के निर्माण एवं आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा में 2023-24 एवं 2024-25 में स्वीकृत आंगनबाड़ी केन्द्र भवनों के निर्माण की परियोजनावार स्थिति पर चर्चा करते हुए निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्ण कांत राय ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के चयन की स्थिति के बारे में बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री के 237 रिक्त पदों के सापेक्ष कुल 4,355 आवेदन प्राप्त हुए हैं भर्ती पोर्टल से ब्रॉडशीट डाउनलोड कर संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है एवं चयन प्रक्रिया प्रचलित है। चयन समिति से अनुमोदन प्राप्त कर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार परिणाम प्रकाशित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। आंगनबाड़ी सहायिका के 247 रिक्त पदों के संबंध में भी चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सीडीओ ने चयन प्रक्रिया में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण करते हुए पूर्ण पारदर्शिता से निर्धारित मानकों के अनुरूप पात्रों का चयन करने के निर्देश दिए।सीडीओ ने निर्देशित किया कि पोषण एवं बाल विकास से संबंधित योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जाए आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित संचालन, पोषण ट्रैकर पर अद्यतन एवं सही फीडिंग, लाभार्थियों को निर्धारित पोषण सेवाओं की उपलब्धता एवं कुपोषित बच्चों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। बैठक में योजनाओं की प्रगति में अपेक्षित सुधार लाने तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को प्रभावी ढंग से संपादित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में कुपोषित बच्चों की पहचान एवं प्रबंधन के संबंध में भी बैठक में विशेष रूप से चर्चा की गई।उत्कृष्ट कार्य के लिए किया सम्मानित: सीडीओ ने उत्कृष्ट कार्य के लिए परियोजना शहर डोरी नगर की आंगनवाड़ी कार्यकत्री अर्चना शर्मा एवं परियोजना खैर गौमत की आंगनवाड़ी कार्यकत्री दीपिका मित्तल को प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया।



