
अलीगढ़, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां लोग अपने परिवार के साथ खुशियां मना रहे थे, वहीं सरसौल निवासी बॉबी अपनी 36 वर्षीय पत्नी ममता देवी के उपचार के लिए रक्त की व्यवस्था को लेकर परेशान होकर इधर-उधर भटक रहे थे। ममता देवी का हीमोग्लोबिन लगभग 4 ग्राम बताया गया, जिसके चलते चिकित्सकों ने उपचार के लिए 4 यूनिट रक्त की आवश्यकता बताई।
पति बॉबी स्वयं केवल एक यूनिट रक्त दे पाने में सक्षम थे, जबकि अन्य नाते-रिश्तेदारों ने भी साथ नहीं दिया। ऐसे कठिन समय में परिवार ने हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था अलीगढ़ से संपर्क किया। सूचना मिलते ही संस्था ने तत्काल मदद के लिए कदम बढ़ाया और ममता देवी के उपचार हेतु रक्त की व्यवस्था में सहयोग किया। संस्था अध्यक्ष सुनील कुमार ने कहा कि जरूरतमंद मरीज और उसके परिवार की परेशानी में उनके साथ खड़ा होना ही संस्था का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के दिन जब एक पति अपनी पत्नी की जिंदगी बचाने के लिए रक्त के लिए परेशान था, उस समय संस्था का प्रयास था कि परिवार को अकेला महसूस न होने दिया जाए। रक्त की इस सेवा में मलखान सिंह जिला अस्पताल रक्तकोष का भी सहयोग रहा। रक्त की मदद मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और ममता देवी का उपचार आगे जारी हो सका। हैंड्स फॉर हेल्प सामाजिक संस्था ने आमजन से अपील की कि स्वस्थ एवं योग्य व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करें, क्योंकि आपके द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद परिवार के लिए जिंदगी की उम्मीद बन सकता है।



