अलीगढ़

आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सीडीओ सख्त

असंतुष्ट फीडबैक पर जताई नाराजगी, किया तलब सीडीओ बोले, शिकायत मिलते ही अधिकारी हों सक्रिय  

अलीगढ़  मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में 29 अगस्त की आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाइन फीडबैक रिपोर्ट की विभागवार समीक्षा करते हुए सीडीओ ने असंतुष्ट फीडबैक की स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायत प्राप्त होते ही उसके गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।सीडीओ ने कहा कि जनशिकायतों का प्रभावी निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है और प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि शकायतकर्ता को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उसकी समस्या का वास्तविक समाधान समयबद्ध तरीके से हो। समीक्षा के दौरान सामने आया कि विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 2,989 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें 1,723 फीडबैक में शिकायतकर्ताओं ने संतुष्टि व्यक्त की, जबकि 1,266 फीडबैक असंतुष्ट रहे। इस प्रकार कुल संतुष्टि का प्रतिशत 57.64 प्रतिशत रहा। सीडीओ ने कहा कि शिकायत का निस्तारण महज औपचारिकता नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारी शिकायत की वास्तविक स्थिति को समझते हुए उसका गुणवत्तापूर्ण समाधान करें और यह सुनिश्चित करें कि निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता भी उससे संतुष्ट हो।

विभागवार समीक्षा में अपर नगर आयुक्त, नगर निगम से संबंधित सर्वाधिक 1,000 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें 584 संतुष्ट और 416 असंतुष्ट रहे। अधिशासी अभियंता, विद्युत से संबंधित 584 फीडबैक में 363 संतुष्ट और 221 असंतुष्ट रहे। जिला समाज कल्याण अधिकारी से संबंधित 236 फीडबैक में 131 संतुष्ट और 105 असंतुष्ट एवं अधिशासी अभियंता, जलकल, नगर निगम से संबंधित 227 फीडबैक में 148 संतुष्ट एवं 79 असंतुष्ट रहे।इसी प्रकार नगर निगम से संबंधित 163 फीडबैक में 88 संतुष्ट रहे, जबकि 75 असंतुष्ट पाए गए उप निदेशक कृषि से संबंधित 142 फीडबैक में 73 संतुष्ट एवं 69 असंतुष्ट रहे। अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग के 78 फीडबैक में 40 संतुष्ट और 38 असंतुष्ट रहे। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी से संबंधित 58 फीडबैक में 35 संतुष्ट और 23 असंतुष्ट रहे।सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा करत हुए निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट किए बिना किसी भी शिकायत को निस्तारित मानने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाई जाए। अधिकारी स्वयं शिकायतों की निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर मौके पर जाकर भी समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।उन्होंने ईडीएम मनोज राजपूत को निर्देशित किया कि विगत तीन माह में प्राप्त एवं निस्तारित शिकायतों की तुलनात्मक पत्रावलीतैयार कर प्रस्तुत करें, जिससे विभागवार प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए सुधार की आवश्यकता वाले विभागों को चिन्हित किया जा सके।मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा लगातार असंतुष्ट फीडबैक की स्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगे नोडल अधिकारी के साथसाथ आईजीआरएस का कार्य देख रहे संबंधित पटल सहायक का भी वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

JNS News 24

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