अलीगढ़

किसानों की आय बढ़ाने को अधिकारी कार्यशैली में बदलाव लाएं – डीएम

आलू उत्पादकों की समस्याओं के समाधान के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में होगी बैठक

अलीगढ़ : किसानों की समस्याओं के समाधान और कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाने को लेकर जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनके क्रियान्वयन में भी बदलाव दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाते हुए किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।किसान दिवस में किसानों ने आलू भंडारण, मंडी व्यवस्था, उर्वरक, फसल बीमा, सिंचाई और विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि किसान हित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। किसान दिवस में 18 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसमें अधिकतर मंडी और विद्युत विभाग से सबंधित रहीं।आलू उत्पादकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कोल्ड स्टोर संचालकों और किसानों की संयुक्त बैठक आयोजित कराई जाए। बैठक में किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर उनका समाधान कराया जाए और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं अनुदान का पात्र आलू उत्पादकों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। किसानों की मांग पर जिलाधिकारी ने अतरौली में बंद पड़े पीसीएफ सेंटर का पुनः संचालन कराने के निर्देश भी दिए। इससे क्षेत्र के किसानों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी।मंडी व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने उप निदेशक मंडी को निर्देशित किया कि टप्पल मंडी पूरी तरह क्रियाशील है। ऐसे में जट्टारी मंडी के आढ़तियों को टप्पल मंडी में स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाए, जिससे फसलों की आवक के समय जट्टारी क्षेत्र में यातायात का दबाव कम हो और व्यवस्था सुचारु बनी रहे। उन्होंने सभी मंडियों के सरकारी फड़ों को अतिक्रमण मुक्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही सभी मंडी सचिवों को मंडियों एवं आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए कार्ययोजना उपलब्ध कराने को कहा। उर्वरक वितरण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी को निर्देश दिए कि खाद का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। किसानों की वास्तविक आवश्यकता, फसल और बोआई के क्षेत्रफल को ध्यान में रखते हुए उर्वरक उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। जिला कृषि अधिकारी ने रबी सीजन की तैयारियों की जानकारी देते हुए गेहूं, आलू, तिलहन, मटर, सरसों और तोरिया की बोआई सहित आलू के बीज, डीएपी एवं एनपीके की उपलब्धता और वितरण की स्थिति से किसानों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है, इसलिए किसान खाद का अनावश्यक भंडारण न करें।फसल बीमा की राशि न मिलने पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को फटकार:फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान चिन्हित 84 प्रभावित किसानों को बीमा कंपनी द्वारा निर्धारित सहायता राशि उपलब्ध न कराए जाने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि पात्र किसानों को नियमानुसार निर्धारित बीमा सहायता राशि का लाभ उपलब्ध कराया जाए और प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि फसल अवशेष एवं पराली को खेतों में न जलाएं। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है और खेत की उत्पादकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। किसानों को नवीन कृषि यंत्रों एवं उपलब्ध तकनीकों के माध्यम से पराली का उचित प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया गया।जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी सुनील भारती ने धान, बाजरा एवं मक्का की खरीद, क्रय केंद्रों की स्थापना, बोरों की उपलब्धता और किसान पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।अधिशासी अभियंता सिंचाई राजेंद्र कुमार ने रबी सीजन में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता, नहरों की सफाई और टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था के संबंध में किसानों को जानकारी दी। वहीं, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता ने असमय विद्युत रोस्टिंग के संबंध में बताया कि वर्तमान में विद्युत खपत के सापेक्ष उत्पादन कम होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने जल्द विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होने की बात कही। वन रेंजर गौरव कुमार ने किसानों को कार्बन क्रेडिट योजना की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के साथ योजना का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। किसान दिवस में अधिकारियों ने किसानों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए रबी सीजन की फसलों, उर्वरक, सिंचाई, खरीद और अन्य कृषि संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसान दिवस में उठाई गई समस्याओं को केवल बैठक तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

JNS News 24

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