काली नदी पर 17.75 करोड़ से बन रहा सेतु, 10 गांवों की राह होगी आसान
दो वर्ष में परियोजना पूर्ण कर जनसामान्य के लिए उपयोगी बनाने का लक्ष्य

अलीगढ़ : कौड़ियागंज क्षेत्र के काली नदी के आसपास बसे ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में शासन स्तर से महत्वपूर्ण पहल की गई है। विधानसभा क्षेत्र छर्रा के अंतर्गत नगर पंचायत कौड़ियागंज के पास काली नदी पर सेतु, पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्यों के निर्माण के लिए 17.75 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। परियोजना के तहत मुख्य नदी सेतु का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।लोक निर्माण विभाग की सेतु निर्माण इकाई के परियोजना प्रबंधक ऋतिक के अनुसार, उत्तर प्रदेश शासन के लोक निर्माण अनुभाग-6 द्वारा 18 मार्च 2026 को 17.7503 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति के अनुपालन में काली नदी सेतु परियोजना के अंतर्गत निर्माण कार्य कराया जा रहा है। परियोजना को जून 2028 तक पूर्ण कर जनसामान्य के लिए उपयोगी बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कौड़ियागंज क्षेत्र में काली नदी के दूसरी ओर बसे अनेक गांवों के लोगों के लिए यह सेतु आवागमन की सुविधा को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वर्तमान में नदी के दोनों ओर आवागमन के लिए स्थानीय स्तर पर नाव का उपयोग किया जाता है, जबकि सड़क मार्ग से आने-जाने के लिए ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में निर्माणाधीन सेतु के पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को बाजार, विद्यालय, अस्पताल, बैंक, डाकघर सहित अन्य आवश्यक सेवाओं तक सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद हैग्रामीणों के लिए बदलेगी आवागमन की तस्वीर:काली नदी पर सेतु निर्माण की यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सेतु के निर्माण से नदी के दोनों ओर बसे गांवों के बीच संपर्क बेहतर होगा और विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों, मरीजों और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। बरसात और बाढ़ के दौरान भी नदी पार करने में आने वाली कठिनाइयों को कम करने में यह परियोजना सहायक होगी। शासन की स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों एवं लक्ष्य के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने के पश्चात कौड़ियागंज क्षेत्र में आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान उपलब्ध होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम पूरा होगा।



