भक्त शक्कूबाई भगवान श्रीकृष्ण के विट्ठल स्वरूप की अनन्य उपासिका थीं
शक्कूबाई के जाने के पश्चात भगवान ने उनका रूप धारण कर घर के समस्त कार्य किए

भक्त शक्कूबाई भगवान श्रीकृष्ण के विट्ठल स्वरूप की अनन्य उपासिका थीं। उनका जीवन प्रभु के नाम-स्मरण, भजन एवं भक्ति में समर्पित था। किंतु ससुराल में उनकी भक्ति का विरोध किया जाता था। सास एवं पति द्वारा अनेक कष्ट दिए जाने के बावजूद उनकी प्रभु के प्रति आस्था तनिक भी विचलित नहीं हुई।एक दिन शक्कूबाई को ज्ञात हुआ कि भक्तों की एक मंडली भगवान विट्ठल के दर्शन हेतु पंढरपुर जा रही है। उनके हृदय में भी प्रभु-दर्शन की तीव्र अभिलाषा जाग उठी। किंतु परिवार ने उन्हें जाने से रोक दिया और रस्सियों से बाँधकर घर में बंद कर दिया।अपने आराध्य के दर्शन हेतु व्याकुल शक्कूबाई ने करुण पुकार लगाई। भक्त की पुकार सुनकर स्वयं भगवान विट्ठल एक स्त्री के वेश में प्रकट हुए। उन्होंने शक्कूबाई को बंधनमुक्त किया और स्वयं उनके स्थान पर बँध गए, ताकि शक्कूबाई निर्विघ्न पंढरपुर जाकर प्रभु के दर्शन कर सकें।शक्कूबाई के जाने के पश्चात भगवान ने उनका रूप धारण कर घर के समस्त कार्य किए। उधर पंढरपुर पहुँचकर शक्कूबाई प्रभु-दर्शन एवं भजन-कीर्तन में ऐसी लीन हुईं कि उन्हें संसार की सुध ही नहीं रही।प्रचलित कथा के अनुसार, पंढरपुर में ही शक्कूबाई ने अपना शरीर त्याग दिया। भगवान की कृपा से उन्हें पुनर्जीवन प्राप्त हुआ और वे अपने घर लौट आईं। उनके लौटने पर भगवान का उनक रूप में गृहकार्य करने का रहस्य प्रकट हुआ। यह जानकर परिवार के सदस्य अत्यंत लज्जित हुए और शक्कूबाई की भक्ति के आगे नतमस्तक हो गए।स्वामी श्री पुलिन बिहारी द्वारा बताया गया कि यह लीला भगवान की भक्तवत्सलता का अनुपम उदाहरण है, जिसमें स्वयं जगत के पालनहार भक्त के लिए सेवक बन जाते हैं।
यह प्रसंग संदेश देता है कि निष्कपट प्रेम, अटूट श्रद्धा और पूर्ण समर्पण से भगवान को भी वश में किया जा सकता है।आज की लीला में अतिथि के रूप में श्री रघुराज सिंह ज़ी, ओमवीर गुप्ता, नीरज बंसल जलेसर वाले, ब्रजमोहन ज़ी, धीरेन्द्र गुप्ता जी फोटो, नरेश चंद ठेकेदार, सुभाष जी लिटिल,कृष्ण कुमार वार्ष्णेय आदि ने ठाकुर जी का माल्यार्पण किया।आज की लीला में उपस्थित अध्यक्ष आशुतोष वार्ष्णेय, महामंत्री प्रेम प्रकाश महेश्वरी जी, देवेंद्र गांधी, जुगल किशोर, पवन शर्मा,डॉ गोविंद माहेश्वरी,मधुर राठी,शिव शंकर वार्ष्णेय, संजय किराना, अंकित वर्मा,राजेश जी सडकोड़ा,अंकित अग्रवाल,विनोद माहेश्वरी, राजीव रिपिट, मुकेश ज़ी आदि उपस्थित रहे ।।



