अलीगढ़

बच्चों की शिक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, खराब प्रगति पर डीएम सख्त

निपुण भारत मिशन की समीक्षा में कई ब्लॉकों की स्थिति असंतोषजनक, वेतन बाधित कर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश

अलीगढ़ सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सामाजिक दायित्व है और इसकी पूर्ति में लापरवाही गंभीर चूक है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा की मासिक समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने निपुण भारत मिशन के तहत विद्यार्थियों की शैक्षिक दक्षता बढ़ाने, योजनाओं में तेजी लाने और कमजोर प्रगति वाले क्षेत्रों में जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।डीएम ने सभी एआरपी को निर्देशित किया कि पढ़ाई के दौरान किसी विद्यार्थी को कठिनाई होने पर पहले उसकी कमजोरी पहचानकर उसे संबंधित दक्षता में पारंगत बनाया जाए, उसके बाद ही आगे की पढ़ाई कराई जाए। बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ‘अलीगढ़ की चाह, निपुणता की राह’ के सात स्तंभों का प्रस्तुतिकरण किया।
निपुण आकलन में पिछड़े ब्लॉकों पर कार्रवाई:गोद लिए गए विद्यालयों में खंड शिक्षा अधिकारियों और एआरपी के भ्रमण की स्थिति अकराबाद एवं लोधा में असंतोषजनक मिली। वहीं, निपुण एप पर विद्यार्थियों के आकलन में गंगीरी, अतरौली, धनीपुर और चंडौस की प्रगति खराब पाए जाने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों का वेतन बाधित कर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। एफएलएन प्रशिक्षण में टप्पल ब्लॉक की मात्र 21 प्रतिशत उपस्थिति पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और बीईओ टप्पल को कार्यशैली में सुधार लाने को कहा।दो लाख विद्यार्थियों को डीबीटी से मिली धनराशिबीएसए ने बताया कि डीबीटी के माध्यम से करीब दो लाख विद्यार्थियों के खातों में प्रति खाता 1,200 रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी हैशेष विद्यार्थियों को भुगतान की प्रक्रिया जारी है। वहीं, 67 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाई जा चुकी हैं। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक के सहयोग से शत-प्रतिशत अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए।रसोइयों के मानदेय, फल वितरण और किचन परिधान से संबंधित भुगतान पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण करने के साथ ही मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।गनियावली में धीमे निर्माण पर अर्थदंड और ब्लैकलिस्टिंग का नोटिसगनियावली में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का निर्माण मात्र 10 प्रतिशत होने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधितकार्यदायी संस्था को ठेकेदार के विरुद्द अर्थदंड लगाने और ब्लैकलिस्ट करने संबंधी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बीएसए ने बताया कि बहराबाद और मईनाथ में मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालयों का निर्माण पूरा हो गया है और फर्नीचर के लिए मांगपत्र शासन को भेज दिया गया है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सभी खंड विकास अधिकारियों को मतदेय स्थल बने विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि कमियों को दूर कर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एकेडमिक ब्लॉक और छात्रावास निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि केवल दो विद्यालयों का कार्य शेष है। डीएम ने इनका निर्माण भी जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।

JNS News 24

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