सुरक्षित सड़कें, सतर्क वाहन चालक और सख्त प्रवर्तन से थमेंगी दुर्घटनाएं –डीएम
बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, अवैध कट बंद करने और दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपाय तेज करने के निर्देश

अलीगढ़ जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और बहुमूल्य जीवन की रक्षा के लिए जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के उपायों को तेज करने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कलैक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत, राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध कट बंद करने, अतिक्रमण हटाने और दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया जिलाधिकारी ने एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बरसात से खराब हुई सड़कों की मरम्मत तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल निर्माण और मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि यातायात नियमों का पालन, प्रभावी निगरानी और जनजागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर लगवाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि कोहरे के दौरान वाहनों की दृश्यता बढ़ने से दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।राष्ट्रीय राजमार्गों पर चिह्नित अवैध कटों को स्थायी रूप से बंद करने में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मजिस्ट्रेट और पुलिस की सहायता से अवैध अतिक्रमण हटाया जाए। अवैध कटों के कारण दुर्घटना होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार प्राथमिकी और विधिक कार्रवाई की जाएगी। रामघाट-कल्याण मार्ग पर निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने और विद्युत पोल हटाए जा चुके स्थलों पर सर्दी और कोहरे से पहले सड़क चौड़ीकरण पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए।
दुर्घटना संभावित स्थलों पर बढ़ेंगी सुरक्षा सुविधाएंबैठक में बताया गया कि हबीब हॉल, डीएम आवासघंटाघर, कर्पूरी ठाकुर तिराहा, एएमयू सर्किल, तस्वीर महल चौराहा और कलक्ट्रेट के आसपास टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर एवं जेब्रा क्रॉसिंग बनाने का कार्य नगर निगम द्वारा कराया जाएगा। खैर बाईपास, एबी गार्डन, टीकाराम इंटर कॉलेज और एसएमबी इंटर कॉलेज के सामने भी संबंधित योजनाओं के तहत टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर प्रस्तावित हैं। इन उपायों से वाहनों की गति नियंत्रित करने और पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी।पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए एडीए द्वारा 13 प्रतिष्ठानों के बेसमेंट खाली कराकर पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। रामघाट रोड के 30 चिकित्सालयों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 13 में पार्किंग व्यवस्था की जा रही है, जबकि शेष 17 के संचालकों को उचित पार्किंग व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात पुलिस ने बताया कि सितंबर माह में नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़े करने पर 2,781 वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की गई।सितंबर में 105 दुर्घटनाएं,48 लोगों की मृत्युसड़क सुरक्षा के तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में जिले में 105 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 48 लोगों की मृत्यु हुई। पिछले वर्ष इसी माह में 97 दुर्घटनाओं में 35 लोगों की जान गई थी। जनवरी से सितंबर तक सड़क दुर्घटनाओं की संख्या भी पिछले वर्ष के 870 के मुकाबले बढ़कर 1,150 हो गई। ये आंकड़े सड़क सुरक्षा के प्रति और अधिक सतर्कता और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता रेखांकित करते हैं।ओवरस्पीडिंग के विरुद्ध यातायात विभाग की कार्रवाई सितंबर में 2,810 से बढ़कर 5,899 मामलों तक पहुंच गई। नशे में वाहन चलाने के मामलों में कार्रवाई 31 से बढ़कर 182 हुई, जबकि परिवहन विभाग ने ओवरस्पीडिंग के 189 मामलों में कार्रवाई की, जो पिछले वर्ष के 144 मामलों से अधिक है प्रवर्तन कार्रवाई में वृद्धि के साथ वाहन चालकों के व्यवहार में सुरक्षित बदलाव लाना भी प्रशासन की प्राथमिकता है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यानजिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जिले के 892 माध्यमिक विद्यालयों के स्थलीय सत्यापन के लिए 89 जांच अधिकारी लगाए गए इनमें से 878 विद्यालयों से सूचना प्राप्त हुई, जबकि सूचना न देने वाले विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को वाहनों में ले जाने के संबंध में 229 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों द्वारा 816 नोटिस जारी किए गए। बिना ड्राइविंग लाइसेंस या हेलमेट के विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी 1,144 नोटिस देकर जागरूक किया गया। साथ ही स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच, चालकों के चरित्र सत्यापन और नेत्र परीक्षण पर जोर दिया गया जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से सड़कों की कमियों को दूर करें, दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि निर्धारित गति सीमा का पालन करें, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें और नशे की स्थिति में वाहन बिल्कुल न चलाएं। सड़क सुरक्षा केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी और सतर्कता से सुनिश्चित होगी। यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित घर पहुंचें और दूसरों के जीवन की रक्षा में भी सहभागी बनें।



