अलीगढ़

कैलीग्राफी (सुलेखन): ‘विलक्षण कला’ विशन शर्मा (कैलीग्राफिक पेन्टर

अलीगढ़:- महानगर के गूलर रोड स्थित दैनिक राजपथ टाॅवर वाली गली, अशोक नगर निवासी विशन शर्मा कैलीग्राफी (सुलेखन कला) लिखने की वह कला है

अलीगढ़:- महानगर के गूलर रोड स्थित दैनिक राजपथ टाॅवर वाली गली, अशोक नगर निवासी विशन शर्मा कैलीग्राफी (सुलेखन कला) लिखने की वह कला है जो लिखने में सुन्दरता को व्यक्त करती है। सुलेखन कला स्वयं में अक्षरों की विधिवत सार्वभौमिकता का निर्धारण करती है, ‘कैलीग्राफी’ शब्द ग्रीक शब्द के किली एवं ग्राफोज़ शब्दों से बना है। जिसका अर्थ है सौन्दर्यपूर्ण यानी ब्यूटीफुल लिखावट है। एक कैलीग्राफर के रुप में चित्रकार की भूख ऐसी होती जो भावनाओं के संतुलन को आकारों के आधार पर संतुष्ट होने से होती है। इसी आधार पर विशन शर्मा कैलीग्राफर, कैलीग्राफिक डिजाइनर एवं कैलीग्राफिक पेन्टर ने भारतीय संस्कृति के पौराणिक एवं आध्यात्मिक ग्रंथों को कैलीग्राफी (सुलेखन) कला में व्यक्त किया है, जैसे पौराणिक ग्रंथ में श्रीमद्भागवत पुराण की रास पंचाध्यायी श्रीमद्भगवत गीता के श्लोक संत तुलसीदास द्वारा रचित श्री रामचरितमानस का सम्पूर्ण ‘सुन्दरकाण्ड’, रुद्राष्टाध्यायी, श्री दुर्गा सप्तशती के श्लोक एवं मंत्र तथा पतंजलि योग-दर्शन के सूत्रों को सुलेखन कला में इन विशेष ग्रंथों के भावों को अक्षरों के द्वारा शब्दों के भावों को विभिन्न विलक्षण आकारों में अभिव्यक्त किया है। यह कैलिग्राफिक पेन्टर विशन शर्मा की प्रदर्शनी, अनुराग पाण्डेय, गैलरी प्रभारी ललित कला अकादमी नई दिल्ली के अनुसार नवंबर 2026 माह के अंत में होनी है।

JNS News 24

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