राजनीति
मानव उपकार संस्था के 24वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मानित हुए विशिष्टजन
5 हजार 4 सौ से अधिक लावारिश शवों का संस्था कर चुकी है अंतिम संस्कार

अलीगढ़। उप्र की प्रमुख सामाजिक संस्था मानव उपकार का 24वां स्थापना दिवस समारोह मंगलवार को गूलर रोड स्थित गायत्री पैलेस में भव्यता पूर्वक आयोजित किया गया। जिसमें न सिर्फ स्थापना के समय से वर्तमान तक के समाजसेवी शामिल रहे, अपितु अतिथियों द्वारा संस्था की ओर से सात दर्जन से अधिक मानव सेवकों को सम्मानित किया गया। संस्था का सर्वोच्च सम्मान राम-रहीम पुरस्कार डॉ. एमयू रब्बानी को दिया गया।

समारोह का शुभारंभ सर्वधर्म समभाव के प्रतीक चिन्ह पर माल्यार्पण कर संरक्षक गोविंद अग्रवाल(निवर्तमान डी आई जी),आशुतोष वार्ष्णेय(पूर्व मेयर), सरदार खजाना सिंह , निशीध जैन , हाजी नूरुद्दीन , राजकुमार वार्ष्णेय ,डॉक्टर जावेद अख्तर और विपिन बिहारी गुप्ता ने किया। मंचासीन अतिथियों पूर्व विधायक विवेक बंसल, एस पी सिटी कुलदीप गुनावत, सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार, अमुवि पीआरओ ओमर पीरजादा ,प्रवीण अग्रवाल कृष्णा,अजीत सिंह तोमर आदि ने प्रमुख सामाजिक संस्था मानव उपकार को सामजिक समरसता का आइना बताते हुए देश के लिए एक प्रेरणादायक संस्था बताया।
मानव उपकार संस्था के संस्थापक सदस्य और अध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी ने बताया कि संस्था द्वारा स्थापना वर्ष 2000 से अब साम्प्रदायिक सौहार्द को कायम रखते हुए विभिन्न सामाजिक कार्यों के अलावा सभी धर्मो के करीब 5400 से अधिक लावारिश शवों का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, जरूरत मंद परिवारों को 3626 बार शव सुरक्षा यंत्र, 1562 बार अंतिम यात्रा यान, 467 बार मोक्ष वाहन आदि का सहयोग प्रदान किया जा चुका है।
मानव उपकार संस्था के संस्थापक सदस्य और चेयरमैन पंकज धीरज ने बताया कि अगले वर्ष मानव उपकार संस्था रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर जाएगी। असाध्य सामाजिक कार्यों को करने के अलावा संस्था का प्रयास है कि सामाजिक कार्यों के प्रति युवा वर्ग में हर ओर अलख जगे। स्थापना के 24 वर्ष पूर्ण होने के दौरान संस्था इस प्रयास में भी सफल होती नजर आ रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता निवर्तमान डीआईजी अलीगढ़ और संस्था मुख्य संरक्षक गोविंद अग्रवाल ने की। समारोह में आगंतुको को पानी के मटके भेंट किए गए, साथ ही वाहन सुरक्षा के दृष्टिगत हेलमेट भी प्रदान किए गए।
वहीं, कार्यक्रम का संचालन अरूण तिवारी ने किया। वहीं, आगन्तुक मंचासीन अतिथियों का प्रतीक चिन्ह भेंट कर और पटका पहनाकर संस्था पदाधिकारी प्रवीन वार्ष्णेय गप्पू, रतन वार्ष्णेय,गिर्राज शर्मा, हरेकृष्ण मुरारी, अशोक गोल्डी,ज्ञानेंद्र चौहान, विष्णु पीतल, जितेंद्र टीडी, सत्य नारायण दीक्षित, कमल गुप्ता, ओपी वर्मा, हाजी नूरूद्दीन आदि ने किया।
मानव उपकार संस्था द्वारा संस्था का सर्वोच्च सम्मान- राम रहीम पुरस्कार, जेएन मेडीकल कॉलेज के वरिष्ठ हृदय रोग सर्जन डॉ. एमयू रब्बानी (प्रदेश अध्यक्ष कॉर्डियोलॉजिस्ट फॉरम) को दिया गया। जबकि विभिन्न क्षेत्रों में विलक्षण योगदान देने वाले गिर्राज किशोर बाबा (देश भक्ति सेवा सम्मान), सुरेन्द्र शर्मा (आजादी का अमृत महोत्सव सम्मान), मसूदुज्जफर अमीनी (गुरू द्रोणाचार्य सम्मान), अजय सिंह एडवोकेट (जागरूकता सम्मान), रिंकू सहयोगी (शिक्षा सेवा सम्मान), दानिश बंटी (चिकित्सा सहयोगी सम्मान), शिवाशीष शर्मा (चित्रकला सम्मान), नीरज सिंह प्रधान (जागरूक प्रधान सम्मान), सुमित अग्रवाल (रक्तदाता संस्था सम्मान), रामनिवास शर्मा (पर्यावरण रक्षा सम्मान), विवेक वार्ष्णेय (डिजीटल न्यूज नेटवर्क सेवा सम्मान), डॉ. अदिति वार्ष्णेय (रानी लक्ष्मीबाई सम्मान), आदित्य कुमार (कर्तव्यनिष्ठ सेवा सम्मान), बुद्ध रत्न आनंद (सत्यनिष्ठा सम्मान) से सम्मानित किया गया।
जबकि अंतिम यात्रा की कांठी (विलुप्तप्राय) निःशुल्क बांधने वाले श्याम गुप्ता कपड़े वाले, योगेश वर्मा, लक्ष्मीनारायण लच्छो, लोकेश लांगुरिया, रवि वार्ष्णेय, भुवनेश, गोपाल चक्की वाले, पुनीत बंटी, राजकुमार बल्लो, इंद्रेश, नीरज, गिरधर, छीतर सिंह, रनवीर सिंह, जहीर खां, विशाल, भीषम हवलानी और स. भूपेंद्र सिंह टुटेजा को अंतिम यात्रा सहयोगी सम्मान से सम्मानित किया गया। साथ ही मानव उपकार संस्था के विशेष सहयोगी सदस्यों को मानव सेवक सम्मान से भी नवाजा गया।
कार्यक्रम प्रमुख रूप से कृष्णा गुप्ता, आभा वार्ष्णेय, प्राची वार्ष्णेय, काजल धीरज,गुंजन दुवे,अरुणा वार्ष्णेय ,……………….आदि मौजूद रहे।
संस्था के प्रमुख कार्य:-
वक्ताओं ने आगे बताया कि संस्था के प्रमुख सामाजिक कार्यों में लावारिश शवों का उनके धर्मानुसार अंतिम संस्कार, मृत व्यक्तियों के परिजनों को उनके अंतिम दर्शन कराने हेतु वातानुकूलित फ्रीजर उपलब्ध कराना, शव यात्रा यान के द्वारा पार्थिव शरीर को विभिन्न श्मशान एवं कब्रगाह तक पहुंचाना, त्रिपथगामिनी मोक्ष वाहन से पार्थिव शरीर को गंगा घाट पर मोक्ष प्रदान कराने में सहयोग करना, मुक्तिधाम स्थल का र्सौदर्यीकरण कार्य, आकस्मिक दुर्घटनाओं में घायल हुए एवं असहाय वयक्तियों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना, जीवन-मृत्यु से संघर्ष कर रहे गरीब व असहाय व्यक्तियों के उपचार हेतु मदद करना, निर्धन कन्याओं के विवाह हेतु सहायता प्रदान करना, वृद्ध व दिव्यागों की सहायता करना, गरीब व अनाथ बच्चों की पढ़ाई में सहायता करना, शीत ऋतु में अलाव व रैन बसेरे उपलब्ध कराना, राष्ट्रीय पर्व एवं सभी धर्मों के प्रमुख पर्वों को श्रद्धापूर्वक मनाना, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं भाईचारे को कायम रखना, देश सेवा में शहीद हुए शहीदों को श्रदांजलि देना आदि मानवीय मूल्यों की रक्षा हेतु कार्य करना शामिल है।



