डीएम ने सम्बन्धित विभागों के वार्षिक लक्ष्य किये निर्धारित
सहकारिता मंत्रालय द्वारा अगले 05 वर्ष में प्रत्येक गांव को सहकारी समिति से जोड़ा जाएगा

डीएम की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट को-आपरेटिव डवलपमेंट कमेटी की बैठक सम्पन्नआपसी सहयोग से किया गया कार्य ही सहकारिता –इन्द्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी
अलीगढ़ – सरकार की मंशा है कि किसानों और ग्रामीणों को देश की मूल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए। सरकार चाहती है कि किसान बन्धु शासकीय सहायता के माध्यम से अपने कार्य को आगे बढ़ाते हुए आय में वृद्धि कर तरक्की का मार्ग प्रशस्त करें। इसी उद्देश्य के साथ जनपद के प्रत्येक गॉव को किसी न किसी सोसाइटी से जोड़ा जाएगा।

उक्त उद्गार जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने कलैक्ट्रेट सभागार में डिस्ट्रिक्ट को-आपरेटिव डवलपमेंट कमेटी की बैठक में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि जब देश का प्रत्येक व्यक्ति आर्थिक रूप से सबल होगा तो देश की अर्थव्यवस्था स्वतः ही मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अगले 05 वर्ष में प्रत्येक ग्राम पंचायत को सहकारी समिति से जोड़ा जाना है। वर्तमान में जनपद में 852 ग्राम पंचायतें हैं, जिसके सापेक्ष 468 कॉपरेटिव सोसाइटी पंजीकृत हैं। शत-प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिवर्ष कम से कम 20 सहकारी समितियां खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

डीएम ने बताया कि जिस प्रकार से बैंक में खाता खोलने के बाद लेन-देन में आसानी हो जाती है, उसी प्रकार से को-आपरेटिव सोसाइटी से जुड़कर खेती-किसानी कार्य को सरल बनाया जा सकता है। बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रकार के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सहकारिता खेती एवं अमूल कम्पनी के बारे में समझाया और स्पष्ट किया कि आपसी सहयोग से किया गया कार्य ही सहकारिता है। जिलाधिकारी ने शासन की मंशा के अनुरूप सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए सहकारिता एवं दुग्ध विभाग को 20-20, उद्योग विभाग को 10 एवं खादी ग्रामोद्योग, गन्ना, मत्स्य, उद्यान, हथकरघा व वस्त्रोद्योग को 05-05 समितियां खोलने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करते हुए सहकारी समितियांें से प्रत्येक ग्रामवासी को जोडें, जिससे सदस्यों को योजना लाभान्वित किया जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना, सहायक निदेशक मत्स्य प्रियंका आर्या समेत समिति के सदस्य एवं सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



