अलीगढ़

मा0 प्रशासनिक जज की अध्यक्षता में वृहद विधिक सहायता शिविर आयोजित, जन-जन तक पहुँची न्याय एवं जनकल्याण योजनाओं की जानकारी

मेगा विधिक सेवा शिविर में जनकल्याण योजनाओं की बहार, सैकड़ों लाभार्थी मौके पर हुए लाभान्वित

मा0 न्यायमूर्ति श्री चंद्र धारी सिंह अलीगढ़ : उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक जज अलीगढ़, मा0 न्यायमूर्ति श्री चंद्र धारी सिंह की अध्यक्षता में कोहिनूर मंच पर “न्याय चला जन-जन के द्वारा” कार्यक्रम के अंतर्गत वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना और सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे नागरिकों तक पहुँचाना रहा। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाकर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही चिन्हित लाभार्थियों को मौके पर ही शासकीय योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। इससे न केवल आमजन में जागरूकता बढ़ी, बल्कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हुआ। कार्यक्रम के उपरांत मंचासीन अतिथियों द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन कर लाभार्थियों को लाभान्वित किया।प्रशासनिक जज चन्द्र धारी सिंह ने कहा कि जनकल्याण की योजनाएं तभी सार्थक हैं जब वे बिना भेदभाव, पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ आमजन तक पहुंचें, क्योंकि विलंब स्वयं न्याय को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि मेगा कैम्प शासन और न्याय को नागरिकों के द्वार तक ले जाने वाली अनुकरणीय पहल है। नागरिकों के लिए पेंशन, छात्रवृत्ति या राशन केवल नीति नहीं, बल्कि राहत, सुरक्षा और आशा का आधार है। न्याय तक पहुंच को व्यापक अवधारणा बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें सूचना, सहायता, शिकायत निवारण और समय पर सेवाएं शामिल हैं और ऐसे शिविर जटिलताओं को कम कर नागरिकों का विश्वास मजबूत करते हैं।उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। लोग सहायता के लिए निःसंकोच आगे आएं, क्योंकि विधिक सेवा प्राधिकरण आवश्यकता और समाधान के बीच सेतु है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि नागरिकों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करें, क्योंकि कार्यालय में आने वाला व्यक्ति कोई फाइल नहीं, बल्कि उम्मीदों से जुड़ा इंसान है। अंत में उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी विभागों को बधाई देते हुए कहा कि विधिक सेवा और जनकल्याण दया नहीं, बल्कि संवैधानिक कर्तव्य हैं, जो समाज को अधिक सशक्त और मानवीय बनाते हैं।पीठासीन अधिकारी मोटर वाहन एवं दावा प्राधिकरण जय सिंह पुण्ढ़ीर ने अपनु अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिले में सड़क दुर्घनाओं, विशेषकर दुपहिया वाहनों से संबंधित दुर्घटनाओं की संख्या अधिक है, ऐसे में व्यापक जनजागरूकता अभियान के साथ यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग को इस संबंध में कठोर कदम उठाना आवश्यक है।पीठासीन अधिकारी वाणिज्य न्यायालय अंचल नारायण सकलानी ने राहवीर योजना को सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मृत्यु दर को न्यून करने में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि लोग योजना को अच्छे से समझ दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जल्द से जल्द मदद करें।प्रभारी जिलाधिकारी योगेन्द्र कुमार ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा गरीब व निराश्रित व्यक्तियों के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित हैं जोकि सभी ऑनलाइन हैं। पात्र व्यक्ति न केवल ऑनलाइन माध्यम से योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं बल्कि अपना आवेदन भी कर सकते हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए राहवीर योजना, साइबर क्राइम, डिजिटल अरैस्ट, एनसीआरबी पोर्टल, संचार साथी एप, मिशन शक्ति के साथ ही 1930 हैल्पलाइन नंबर के बारे में सहज तरीके से बताया। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण के लिए प्रत्येक थाने पर शक्ति केंद्र के साथ ही सभी सर्किल हैडक्वार्टर पर परिवार परामर्श केंद्र संचालित है।कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय एवं शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाने का सतत प्रयास किया जा रहा है। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और लाभान्वित हुए। आयोजित कार्यक्रम ने न्याय सुलभता, जनजागरूकता और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई।श्रीमती न्यायमूर्ति ने कराया अन्नप्राशन एवं गोदभराई:श्रीमती न्यायमूर्ति श्रीमती डा0 सीमा कौर एवं श्रीमती नम्रता अग्रवाल ने श्रीमती रूबी, श्रीमती अलका की गोदभराई कर पुष्टाहार वितरित किया और नन्ही बालिका भूमि व बालक कियान को अन्नप्राशन की रस्म अदा करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।इनको मिला लाभ: पशुपालन विभाग से नेपियर घास की रूट स्लिप और 4000 की अनुदान राशि का चेक गोपाल शर्मा एवं दयावती देवी, मुख्यमंत्री गौसंवर्धन योजना के अंतर्गत वीरमती को 12 लाख की अनुदान राशि, सहभागिता योजना में देवराज सिंह को लाभान्वित किया गया। उद्योग विभाग से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत हेमलता सिंह, बबली देवी, कु0पूजा, लता देवी, दुर्गेश कुमारी, शिवानी, लक्ष्मी कुमारी, कु0 गुंजन, प्रियंका कुमारी एवं कु0 काजल को सिलाई मशीन व टूल किट प्रदान की गई। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से अवंतिका गौड, खुद्दूस जमाल, रंजू कुमारी, राजवती देवी, कृष्णा, आएशा, बल्देव, वंश राजपूत, समरीन, सुधा रानी, कुलदीप, अविनाश कुमार, गुलजार खान, लक्ष्मन सिंह को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए। महिला कल्याण से सृष्टि अग्रवाल, मत्स्य विभाग से विष्णु कुमार, सोमदेव एवं रवि करण को मोपेड विद आइस बॉक्स के साथ ही मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत महेश चंद्र एवं विजय कुमार व एयरेशन सिस्टम की स्थापना के लिए श्रीमती देवेंद्री को सहायता दी गई। कृषि विभाग द्वारा कृषि यंत्र अनुदान योजना सीमा देवी एवं महिपाल को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। दुग्ध विकास में नीरज व अनिल कुमार, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा श्रीमती तुलसी देवी को मातृ वंदना में 5000 का चैक, पिछड़ा वर्ग विभाग द्वारा शादी अनुदान योजना में श्रीमती रजनी देवी, लता देवी, जितेन्द्र कुमार, टीकम सिंह व राजकुमार को 20-20 हजार के चैक प्रदान किए गए। राजस्व विभाग से दैवीय आपदा योजना में मीरा देवी व राकेश शर्मा को 04-04 लाख, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आकांक्षा को पोषण पोटली व सरिता देवी को आयुष्मान कार्ड, नीतू सैनी सहायक अध्यापक को स्मार्ट क्लास के लिए एलईडी टीवी, श्रम विभाग द्वारा बंधुआ मजदूर विमुक्त योजना में प्रेमपाल, हरीश व जयपाल सिंह, समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी सत्यपाल, शीला देवी, डाल चन्द, सुखराम, कांती देवी व राजवती देवी को स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। एनआरएलएम विभाग द्वारा अंजली देवी को 380 समूहों के लिए 01 करोड़ 14 लाख का आरएफ, राजकुमारी को 721 समूहों के लिए 10 करोड 51 लाख 50 हजार का सीआईएफ दिया गया।कार्यक्रम के अंत में जिला जज पंकज कुमार अग्रवाल ने सभी आंगतुकों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मेगा शिविर ने शासन की योजनाओं को आमजन तक सीधे पहुंचाकर “सुलभ न्याय, सशक्त नागरिक” की अवधारणा को साकार किया गया है। बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर मौके पर लाभ उठाया, जिससे शिविर एक प्रभावी और जनोन्मुखी पहल के रूप में स्थापित हुआ। इस अवसर पर एडीजे एवं नोडल अधिकारी वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर श्रीमती प्रतिभा सक्सेना, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय एवं प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंकित राज सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण, बार कांउसिल के पदाधिकारी, एनजीओ, विभागीय अधिकारीगण समेत बड़ी संख्या में लाभार्थीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजीव अग्रवाल एवं अर्चना फौजदार द्वारा किया गया।

JNS News 24

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