निर्भया सेल के माध्यम से महिलाओं को त्वरित सहायता व न्याय दिलाने हेतु प्रशासन प्रतिबद्ध
छेड़छाड़, उत्पीड़न, शारीरिक अथवा मानसिक शोषण की शिकार महिलाएं निर्भया सेल में करें शिकायत

अलीगढ़ : जिला मजिस्ट्रेट संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में निर्भया सेल के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारम्भ जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुआ।बैठक में बताया गया कि सूचना तकनीक के प्रभावी उपयोग से सरकारी तंत्र के माध्यम से किसी भी पीड़ित महिला को घटना के समय ही तत्काल सहायता उपलब्ध कराना निर्भया सेल का प्रमुख उद्देश्य है। महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए मोबाइल नम्बर 750543424 एवं 8433003347 जारी किए गए हैं, जिन पर बाल संरक्षण अधिकारी हितेश कुमारी एवं जेंडर स्पेशलिस्ट नीतू सारस्वत प्रत्येक कार्यालय दिवस में उपस्थित रहकर शिकायतें सुनेंगी। बैठक में बताया गया कि अब तक प्राप्त 9 शिकायतों में से 6 का सफल निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष 3 प्रकरणों में सुनवाई की प्रक्रिया गतिमान है।बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि कोई महिला छेड़छाड़, उत्पीड़न, शारीरिक अथवा मानसिक शोषण का शिकार होती है तो वह निर्भया सेल के माध्यम से तत्काल शिकायत दर्ज करा सकती है। बाल संरक्षण अधिकारी हितेश कुमारी ने जानकारी दी कि प्राप्त मामलों में एक प्रकरण बालक की सुपुर्दगी से संबंधित था, जिसका सफल समाधान कराया गया। उन्होंने कहा कि पारिवारिक विवाद यदि न्यायालय जाने के बजाय मध्यस्थता से सुलझ जाएं तो इससे परिवारों को टूटने से बचाया जा सकता है और न्यायालयों पर मामलों का भार भी कम होता है।जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि पीड़ित महिलाएं शासन द्वारा संचालित टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1090 एवं 181 पर भी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। महिला थाना प्रभारी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई परिवार अपने मामलों को पुलिस कार्यवाही से बचाकर सुलझाना चाहते हैं, ऐसे में निर्भया सेल उनके लिए सहायक एवं विश्वसनीय मंच सिद्ध होगा।बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा निर्भया सेल के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से रानी लक्ष्मीबाई योजना से संबंधित प्रकरणों का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शहरी एवं ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े समूहों को भी इस पहल से जोड़ने के निर्देश दिए गए। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट, मुख्य चिकित्साधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



