एंटीबायोटिक की अवैध बिक्री पर प्रशासन सख्त
दो वर्षों में 172 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित

-जिलाधिकारी अलीगढ़ : जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिले में एंटीबायोटिक दवाओं की बिना चिकित्सकीय परामर्श बिक्री पर जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी है। औषधि निरीक्षक द्वारा जिलाधिकारी संजीव रंजन को प्रस्तुत आख्या के अनुसार, विगत दो वित्तीय वर्षों में नियमों के उल्लंघन पर 172 से अधिक मेडिकल स्टोरों के औषधि विक्रय लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।ड्रग इंस्पेक्टर दीपक लोधी ने आख्या में स्पष्ट किया है कि एंटीबायोटिक दवाएं औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियमावली, 1945 के अंतर्गत शिड्यूल-एच एवं शिड्यूल-एच1 श्रेणी में आती हैं, जिनका विक्रय केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह एवं वैध पर्चे पर ही किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान बिना पर्चे बिक्री, अभिलेखों में अनियमितता अथवा अन्य उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने बताया कि जिले के मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण नियमित कार्यक्रम के साथ-साथ आकस्मिक रूप से भी किया जा रहा है। शिड्यूल-एच एवं शिड्यूल-एच1 दवाओं से संबंधित बिक्री रजिस्टर, बिलिंग तथा अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है। बिना चिकित्सकीय पर्चे एंटीबायोटिक बिक्री, योग्य फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति या नियमों की अवहेलना की स्थिति में कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच व कार्रवाई की जा रही है, जिससे जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एंटीबायोटिक दवाओं का अनियंत्रित और गलत उपयोग एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्या को जन्म देता है, जो आने वाले समय में समाज के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण, बिक्री अभिलेखों की सघन जांच और नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन के साथ विधिक कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी संजीव रंजन ने आमजन से अपील की है कि बिना चिकित्सकीय परामर्श एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें और किसी भी प्रकार की अनियमित बिक्री की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को दें, ताकि जनस्वास्थ्य की रक्षा सामूहिक प्रयास से सुनिश्चित की जा सके।



