सीतापुर
सीतापुर के रामपुर मथुरा के पल्हापुर हत्याकांड के बाद गांव में पुलिस की दहशत इस कदर कायम है
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि अजीत सिंह की हत्याकांड में भूमिका व पुलिस की एफआईआर कॉपी के लिए विभाग से पत्राचार किया

सीतापुर के रामपुर मथुरा के पल्हापुर हत्याकांड के बाद गांव में पुलिस की दहशत इस कदर कायम है कि ग्रामीण कुछ भी बोलने से पहले सौ बार सोच रहे हैं। एक बुजुर्ग से सवाल करने पर बोले भइया नाम न छापौ तो बतई, नाही तौ पुलिस उठाय लेई…। ग्रामीणों के मुताबिक, जब आईजी रेंज आए थे तो उन्होंने कई लोगों से सवाल जवाब किया था। इसमें कई लोगों ने अपनी बात उनसे कही थी।
उनके जाने के बाद स्थानीय रामपुर मथुरा थाने के एक दरोगा ग्रामीणों पर नाराज हुए थे। उन्होंने धमकाते हुए कहा था कि आईजी के सामने ज्यादा मुंह चला रहे थे। अब हम लोग बताएंगे कि बयान कैसे दिए जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जांच अभी भी चल रही है। ऐसे में स्थानीय पुलिस उन्हें न पकड़ ले। इसलिए भी लोग डरे हुए हैं।
उनके जाने के बाद स्थानीय रामपुर मथुरा थाने के एक दरोगा ग्रामीणों पर नाराज हुए थे। उन्होंने धमकाते हुए कहा था कि आईजी के सामने ज्यादा मुंह चला रहे थे। अब हम लोग बताएंगे कि बयान कैसे दिए जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जांच अभी भी चल रही है। ऐसे में स्थानीय पुलिस उन्हें न पकड़ ले। इसलिए भी लोग डरे हुए हैं।
गिरने की आवाज तो आई पर नहीं किया गौर
अनुराग के घर से करीब 100 मीटर दूर सालिक का घर बना है। उन्होंने बताया कि हत्याकांड वाली रात वह घर के बाहर ही सोए हुए थे। अचानक उनको कुछ भारी चीज गिरने की आवाज तो आई लेकिन उनको आसपास ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। इसलिए वह सो गए। उन्होंने बताया कि घटना ऐसे समय पर हुई जब लोग सबसे गहरी नींद में होते हैं। इसलिए शायद अन्य लोगों को पता नहीं चल पाया। तालाब के पास रहने वाले एक युवक ने बताया कि पूरे घर में कांच की खिड़कियां लगीं हैं जो कि अक्सर बंद ही रहती थीं। इसलिए उसको न तो गोली की आवाज सुनाई दी और न ही बच्चों के चीखने की आवाज सुनाई दी।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि अजीत सिंह की हत्याकांड में भूमिका व पुलिस की एफआईआर कॉपी के लिए विभाग से पत्राचार किया है। पुलिस विभाग ने अभी लिखकर कुछ नहीं दिया है। संभवत: शनिवार तक पुलिस विभाग की रिपोर्ट आ जाएगी। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर बरी जगतपुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक अजीत सिंह का निलंबन किया जाएगा।ग्रामीणों के बीच चर्चा रही कि अजीत के जेल जाने के बाद उसके ससुरालीजन केस की पैरवी करेंगे। वहीं, ग्रामीणों की मानें तो आरपी सिंह ने ग्रामीणों से कहा है कि वह इस केस की पैरवी नहीं करेंगे। उससे मिलने जेल भी नहीं जाएंगे।गौरतलब है कि बीते शुक्रवार देर रात तीन से पांच बजे के बीच रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के पल्हापुर गांव में अजीत ने अपने भाई अनुराग, उसकी पत्नी प्रियंका व उसके तीन बच्चों के साथ मां सावित्री की नृशंस हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस को फोन कर भाई अनुराग पर ही इस हत्याकांड को अंजाम देकर आत्महत्या कर लेने की सूचना दी थी।
अनुराग के घर से करीब 100 मीटर दूर सालिक का घर बना है। उन्होंने बताया कि हत्याकांड वाली रात वह घर के बाहर ही सोए हुए थे। अचानक उनको कुछ भारी चीज गिरने की आवाज तो आई लेकिन उनको आसपास ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। इसलिए वह सो गए। उन्होंने बताया कि घटना ऐसे समय पर हुई जब लोग सबसे गहरी नींद में होते हैं। इसलिए शायद अन्य लोगों को पता नहीं चल पाया। तालाब के पास रहने वाले एक युवक ने बताया कि पूरे घर में कांच की खिड़कियां लगीं हैं जो कि अक्सर बंद ही रहती थीं। इसलिए उसको न तो गोली की आवाज सुनाई दी और न ही बच्चों के चीखने की आवाज सुनाई दी।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि अजीत सिंह की हत्याकांड में भूमिका व पुलिस की एफआईआर कॉपी के लिए विभाग से पत्राचार किया है। पुलिस विभाग ने अभी लिखकर कुछ नहीं दिया है। संभवत: शनिवार तक पुलिस विभाग की रिपोर्ट आ जाएगी। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर बरी जगतपुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक अजीत सिंह का निलंबन किया जाएगा।ग्रामीणों के बीच चर्चा रही कि अजीत के जेल जाने के बाद उसके ससुरालीजन केस की पैरवी करेंगे। वहीं, ग्रामीणों की मानें तो आरपी सिंह ने ग्रामीणों से कहा है कि वह इस केस की पैरवी नहीं करेंगे। उससे मिलने जेल भी नहीं जाएंगे।गौरतलब है कि बीते शुक्रवार देर रात तीन से पांच बजे के बीच रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के पल्हापुर गांव में अजीत ने अपने भाई अनुराग, उसकी पत्नी प्रियंका व उसके तीन बच्चों के साथ मां सावित्री की नृशंस हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस को फोन कर भाई अनुराग पर ही इस हत्याकांड को अंजाम देकर आत्महत्या कर लेने की सूचना दी थी।