मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत ने दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं उद्यान गोष्ठी का किया शुभारंभ
विभागीय अधिकारियों ने शासकीय योजनाओं के साथ ही आय के विकल्पों की दी जानकारी

अलीगढ़ उद्यान विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन जवाहर पार्क में किया गया। गोष्ठी में विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, सेहतमंद रहने के लिए श्री अन्न उपजाएं और उपयोग में भी लाएं। मोटे अनाज में पोषक तत्वों की मात्रा बहुत अधिक होती है। शारिरिक एवं मानसिक विकास के लिए अपनी थाली में मोटे अनाज को सम्मिलित करें। अच्छी उपज के लिए पड़ोसी के दिमाग से नही बल्कि स्वविवेक से काम लेते हुए सन्तुलित मात्रा में उर्वरक का प्रयोग करें। विशेषज्ञों ने बताया कि खेती का तरीका बदलने से किस्मत कैसे बदल सकती है। उपनिदेशक उद्यान डॉ0 बलजीत सिंह एवं डीएचओ शिवानी तौमर ने जिला पंचायत अध्यक्ष को बुके भेंट कर सम्मानित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गयामा0 अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती विजय सिंह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए परंपरागत खेती के साथ ही मत्स्य पालन, पशुपालन एवं औद्यानिक क्षेत्र में योजनाओं का संचालन कर उनको सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने किसान बन्धुओं से आव्हान किया कि वह कृषि क्षेत्र में विशेषज्ञों द्वारा बताई गई विधियों को अपनाकर उच्च गुणवत्ता वाली उपज पैदा करें ताकि आपको उसका बढ़ा हुआ मूल्य प्राप्त हो सके।
उप निदेशक उद्यान डॉ0 बलजीत सिंह ने बताया कि किस प्रकार से उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान परम्परागत खेती के साथ फल, फूल, शाक भाजी उगाकर अपनी आर्थिक उन्नति कर सकते हैं। पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की अनुदानित योजनाएं संचालित हैं, किसान बन्धु इनका लाभ उठाएं उन्होंने विभिन्न प्रकार की यूनिट स्थापना और सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए खाद्य प्रसंस्करण एवं फल संरक्षण की विभिन्न योजनाओं के साथ ही सोलर एनर्जी के बारे में विस्तार से बताया सहायक निदेशक मत्स्य प्रियंका आर्या ने बताया कि किसान जीवन भर मिट्टी और पानी से जुड़ा रहता है। जलीय कृषि के माध्यम से भी आप किसानी कर सकते हैं उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के साथ ही अनुसूचित जाति के परिवारों को मिलने वाली सब्सिडी के बारे में बताया। महिलाओं के संचालित सघन मत्स्य पालन ऐरियेशन सिस्टम योजना के तहत 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा हैकृषि वैज्ञानिक डॉ0 ए0एच0 वारसी ने कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण आलू उत्पादन, जैविक और प्राकृतिक खेती और डॉ0 विश्वजीत ने टिश्यू कल्चर से केला उत्पादन करने के संबन्ध में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण गोष्ठी में अन्य वैज्ञानिक डा0 अशरफ खान द्वारा भी खेती-किसानी के बारे में किसान-बन्धुआंे को सरल भाषा में समझाया गया एसडीओ प्रभारी कोल राजाराम, राकेश कुमार, विनय कुमार, रवेन्द्र सिंह समेत संबंधित अधिकारी व कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में महिला व पुरूष किसान उपस्थित रहे।