जिले में लेखा परीक्षा व्यवस्था सुदृढ़, सात लेखा परीक्षक संभाल रहे बहुआयामी ऑडिट कार्य
प्रत्येक लेखा परीक्षक पर औसतन 500 कार्य दिवसों का न्यूनतम दायित्व

अलीगढ़ : प्रदेश सरकार की पारदर्शी प्रशासन एवं वित्तीय अनुशासन की मंशा के अनुरूप अलीगढ़ में लेखा परीक्षा विभाग द्वारा योजनाबद्ध एवं संतुलित ढंग से ऑडिट कार्य संपादित किया जा रहा है। जिले में वर्तमान में 07 लेखा परीक्षक कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से 12 विकास खंडों, क्षेत्र पंचायतों, जिला पंचायत, सहकारी समितियों और अन्य महत्वपूर्ण कार्यालयों की नियमित लेखा परीक्षण कराया जा रहा है।जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहायक निदेशक सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा राजीव कुमार ने बताया कि लेखा परीक्षकों को कार्य आवंटन निदेशालय द्वारा निर्धारित नियमों एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया है। कार्यभार का वितरण पूरी तरह पारदर्शी, संतुलित एवं व्यावहारिक है, जिससे किसी भी लेखा परीक्षक पर न तो अत्यधिक दबाव है और न ही कोई अधिकारी कार्यविहीन है। प्रत्येक लेखा परीक्षक को औसतन लगभग 500 कार्य दिवसों का न्यूनतम दायित्व सौंपा गया है।उन्होंने बताया कि ब्लॉक एवं क्षेत्र पंचायतों की लेखा परीक्षा के अतिरिक्त लेखा परीक्षक दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ, गन्ना सहकारी विकास समिति, किसान सहकारी चीनी मिल, पीसीएफ, जिला सहकारी संघ, बी-पैक्स, आवास समितियों तथा अन्य सहकारी एवं वित्तीय संस्थाओं की भी नियमित रूप से ऑडिट कर रहे हैं। इसके साथ ही दलीय व्यवस्था के अंतर्गत क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत की लेखा परीक्षा भी सुचारू रूप से संपन्न कराई जा रही है।उन्होंने बताया कि लेखा परीक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे इन ऑडिट कार्यों का उद्देश्य सरकारी धन के समुचित उपयोग, वित्तीय अनियमितताओं की रोकथाम एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। समयबद्ध लेखा परीक्षा से न केवल संस्थाओं में वित्तीय अनुशासन स्थापित हो रहा है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता का विश्वास भी सुदृढ़ हो रहा है।जिला लेखा परीक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले में लेखा परीक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, तकनीकी रूप से सक्षम और जवाबदेह बनाए जाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे सुशासन की अवधारणा को धरातल पर साकार किया जा सके।



