हाथरस भूमि घोटाले के मामले में ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा 2 पुलिस ने हिमालय इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को गिरफ्तार
हाथरस में यीडा ने 2011-12 में लगभग 42 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया

हाथरस भूमि घोटाले के मामले में ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा 2 पुलिस ने हिमालय इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को गिरफ्तार कर कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपी यमुना प्राधिकरण के पूर्व अधिकारी का साला बताया जा रहा है। एडीजे महेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि की है।इस मामले में यमुना प्राधिकरण के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी गुप्ता सहित 29 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच नोएडा जोन के एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह द्वारा की जा रही है। पुलिस पहले ही दो तहसीलदार समेत 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। इस मामले में और आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है। हाथरस में यीडा ने 2011-12 में लगभग 42 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया, जिसके बदले किसानों को सात प्रतिशत विकसित भूखंड देने का प्रावधान था। लेकिन 2014 में अधिकारियों ने कुछ लोगों के साथ मिलकर मिधावली गांव में 14.4896 हेक्टेयर भूमि खरीद ली, जो मास्टर प्लान के दायरे से बाहर थी। इस भूमि की खरीद में 16.15 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिससे ब्याज सहित कुल नुकसान 23.92 करोड़ रुपये हुआ।यह कहा जा रहा है कि सब कुछ जानबूझकर और संगठित तरीके से किया गया। इस घोटाले में शामिल व्यक्तियों ने किसानों से सस्ती दर पर भूमि खरीदी और इसके बाद यीडा ने उसे खरीद लिया। हालांकि, अब तक इस भूमि पर प्राधिकरण का कब्जा नहीं है और न ही कोई योजना बनाई जा सकी है।एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि हिमालय इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विवेक कुमार जैन को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है और भविष्य में और गिरफ्तारियों की संभावना है।