अलीगढ़

शहर को अवैध प्रचार होडिंग बैनर से निज़ात दिलाने के लिये हुआ मंथन-नगर आयुक्त ने विज्ञापन स्थल चयन समिति व विभागों के साथ किया विचार विमर्श

15 दिन की मोहल्लत-स्वयं हटा लें अपनी प्रचार सामग्री अन्यथा नगर निगम हटाएगा व वसूलेगा हर्जा खर्चा

शहर को अवैध प्रचार होडिंग बैनर से निज़ात दिलाने के लिये हुआ मंथन-नगर आयुक्त ने विज्ञापन स्थल चयन समिति व विभागों के साथ किया विचार विमर्श 15 दिन की मोहल्लत-स्वयं हटा लें अपनी प्रचार सामग्री अन्यथा नगर निगम हटाएगा व वसूलेगा हर्जा खर्चाबिना अनुमति विज्ञापन लगाना पड़ेगा अब भारी-बिना अनुमति के विज्ञापन या पोस्टर लगाने पर दर्ज होगी एफएआई:-नगर आयुक्तसमिति की पहली बैठक में नगर आयुक्त ने प्रचार प्रसार से राजस्व बढ़ोतरी, शहर की सुंदरता बनाये रखने, उपयुक्त जगह विज्ञापन करने, बिनाअनुमति शहर में अवैध प्रचार करने पर ठोस रणनीति तैयार करने का किया आह्ववानजल्द शहर को अवैध प्रचार सामग्रियों से मिलेगी बड़ी राहत-जल्द नगरीय सीमा में प्रचार प्रसार के स्थान चयनित किये जाएंगेनगर आयुक्त ने शहर की सुंदरता को ख़राब करने वालो पर सख़्ती का बनाया रुख़एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, एडीए, रेलवे, ट्रैफिक पुलिस, रोडवेज व नगर निगम अधिकारियों संग हुई पहली समिति की बैठक-

शहर में जगह जगह बिना नगर निगम की अनुमति के लगाए गए बेनर पोस्टर व होडिंग के कारण शहर की सुंदरता व यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिये कवायद नगर निगम ने तेज़ कर दी है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने विज्ञापन एजेंसियों के साथ बैठक करते हुए दो टूक शब्दों में अवैध सामग्री पर सख़्ती से कार्रवाई करने के लिये कहा है।नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि नगर निगम अलीगढ़ में नगर निगम (विज्ञापन पर अनुज्ञा शुल्क का निर्धारण और वसूली) उपविधि 2019 प्रभावी है। विज्ञापन उपविधि के अनुसार वैद्युत और प्रदीप्त विज्ञापन/वैद्युत, डिजिटल विज्ञापन, एल०ई०डी० स्क्रीन, भू-विज्ञापन (केवल यूनीपोल), छत विज्ञापन, बरामदा / दुकान विज्ञापन, दीवार विज्ञापन, प्रक्षिप्त विज्ञापन, शामियाना विज्ञापन, आकाशीय विज्ञापन, अस्थायी एवं विविध विज्ञापन, ट्रैफिक / पुलिस बूथ अथवा ट्रैफिक आईलैण्ड विज्ञापन, जन सुविधा स्थान पर विज्ञापन, विशेष प्रकार की छतरी विज्ञापन, पताका/झण्डी विज्ञापन, द्वार विज्ञापन, गुब्बारा विज्ञापन, ट्री गार्ड/फ्लॉवर पॉट डिस्प्ले, गैन्ट्री विज्ञापन, बिल्डिंग ग्लास, फसाड वॉलरैप, वॉटर टैंक विज्ञापन, फुट ओवर ब्रिज, प्रचार वाहन, रैन बसेरा पर विज्ञापन, पानी की टंकी पर विज्ञापन, विद्युत पोल पर क्यास्क व सांकेतिक पट शामिल है।उन्होंने बताया कि उपरोक्त उल्लिखित विज्ञापनों में से वर्तमान में नगर निगम अलीगढ़ द्वारा यूनीपोल एवं स्मार्ट सिटी लि० द्वारा एल०ई०डी० स्क्रीन का ठेका उठा हुआ है। विद्युत और प्रदीप्त विज्ञापन/वैद्युत, डिजिटल विज्ञापन एवं पताका (बैनर) कैनोपी, प्रचार वाहन के ठेके उठाये जाने की कार्यवाही की जा रही है। शेष विज्ञापन के ठेके उठाये जाने हेतु उपयुक्त स्थल चिन्हित किये जाने हैं जिसके लिए विज्ञापन उपविधि में उलेखित संबंधित विभागों/सदस्यों के साथ विचार विमर्श किया गया।बुधवार को कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर के सभागार में आयोजित बैठक में शहर की सुंदरता को बनाये जाने व शासन की विज्ञापन नियमावली के मुताबिक विज्ञापन करने हेतु स्थल चयन के लिए बैठक आहुत की गई। ही बैठक की अध्यक्षता करते हुए नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने सभी विभागों को एकजुट होकर कार्य करने के लिए कहा।नगर आयुक्त ने समिति की पहली बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए शहर में प्रचार प्रसार के लिए सुरक्षित स्थानो का चयन प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने, नगर निगम के पब्लिक शौचालय, ई बसों, शेल्टर होम, शासकीय भवनों, नगर निगम ट्यूब वेल, ओवर हेड टैंक, बिजली के पोल आदि के जरिये विज्ञापन कराये जाने के साथ साथ बिना अनुमति बेनर पोस्टर दीवारों पर लगाकर गंदगी करने पर ऐसे लोगों पर सख़्ती करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त को तत्काल उपनिधि में उलेखित विज्ञापन मदो की कार्ययोजना बनाकर जल्द कार्यदाही करने के निर्देश दिए।नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा समिति के सदस्यों को नगर निगम विज्ञापन उपनिधि का सघनता से परीक्षण करते हुए विज्ञापन प्रदर्शित करने के अवसरों को तलाशने, जल्द से जल्द विज्ञापन स्थानों का परीक्षण करने के लिए कहा गया है। नगर आयुक्त ने कहा बिना अनुमति पोस्टर बैनर लगाने वालों को 15 दिन की मोहलत देते हुए स्वयं हटाना होगा 15 दिन के बाद नगर निगम बिना अनुमति के लगाए सभी प्रचार प्रसार सामग्री को हटाएगा साथ ही हर्जा ख़र्चा भी वसूलेगा। 15 दिन के बाद शहर की सुंदरता ख़राब करने वालो पर सख़्ती से कार्रवाई करते हुए एफएआई दर्ज करायी जाएगी।उपविधि में उलेखित सदस्यअध्यक्ष (एक) नगर आयुक्त अथवा नगर आयुक्त द्वारा नामित अपर नगर आयुक्त;
सदस्य(दो) मुख्य अभियन्ता, नगर निगमसदस्य (तीन) सचिव, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण;सदस्य(चार) परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (जहाँ स्थल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन.एच.ए.आई.) से सम्बन्धित हो।
सदस्य(पाँच) अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग तथा रेलवे का प्रतिनिधि (जहाँ स्थल लोक निर्माण विभाग अथवा रेलवे से सम्बन्धित हो)सदस्य (छ) नगर में यातायात का प्रभारी राजपत्रित अधिकारी (यातायात पुलिस विभाग)
सदस्य(सात) क्षेत्रीय प्रबन्धक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (जहाँ स्थल बस शेल्टर के आवंटन से सम्बन्धित हो)
सदस्य(आठ) निगम का यातायात अभियन्ता या कोई अधिकारी सदस्य/सचिव जो अधिशासी अभियन्ता की श्रेणी से निम्न न हो।
नगर आयुक्त महापौर के परामर्श से किसी एक या एक से अधिक सदस्य को, जैसा वह उचित समझे सहयोजित कर सकता है।

ये रहे मौजूद जॉइंट मजिस्ट्रेट/अपर नगर आयुक्त द्वितीय शुभांशु कटियार, अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव, पार्षद सुरेन्द प्रताप सिंह, सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह, मुख्य अभियंता वीके सिंह ईई बिजेंद्र पाल सिंह, एनएचएआई से मानवेन्द्र सिंह पीडब्ल्यूडी से गुरनाम सिंह एडीए से हरीश सिंह, रेलवे से हरिराम शर्मा ट्रैफिक पुलिस से सीओ तृतीय रोडवेज आदि मौजूद थे।

JNS News 24

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