अलीगढ़

पीएम सूर्य घर योजना को लेकर सीडीओ सख्त, अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

सभी लंबित मामलों का निराकरण 10 दिन के भीतर हर हाल में सुनिश्चित करें

अलीगढ़  मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिशासी अभियंता विद्युत पंकज तिवारी, एलडीएम अशोक सोनी एवं विभिन्न बैंकों से शाखा प्रबंधक मौजूद रहे।परियोजना प्रभारी अरुण कुमार शर्मा ने बैठक का संचालन करते हुए बताया कि दिसंबर तक 5364 सोलर संयंत्र स्थापित करने थे, जिसके सापेक्ष अब तक जिले में 4141 उपभोक्ताओं के आवास पर सोलर संयंत्र की स्थापना हो चुकी है, जोकि लक्ष्य का 75 प्रतिशत है। सभी उपभोक्ताओं के घरों पर अभी तक सोलर संयंत्र न लगने पर सीडीओ द्वारा कड़ी नाराजगी जताई गई। उन्होंने निर्देशित किया कि वे सभी लंबित मामलों का निराकरण 10 दिन के भीतर हर हाल में सुनिश्चित करें।वेंडर्स द्वारा बताया गया कि बैंकों द्वारा आवेदन पत्र स्वीकृत न करने, स्वीकृती के उपरांत ऋण आवंटन में देरी के कारण परियोजना को गति नहीं मिल पा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कई बैंकों द्वारा संयंत्र स्थापना के लिए ऋण देने के लिए मना किया गया है। सीडीओ ने समीक्षा में पाया कि प्रेषित आवेदन पत्रों के सापेक्ष बड़ी संख्या में आवेदन पत्र निरस्त किए जाने के साथ ही लंबित भी हैं। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देशित किया गया कि वे लंबित आवेदन पत्रों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से करें और उपभोक्ताओं को किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशान न करें। संयंत्र लगाने में जो भी समस्याएं हैं उन्हें प्राथमिकता से दूर कराया जाए। सीडीओ ने पीओ नेडा एवं एलडीएम को अस्वीकृत आवेदनपत्रों की स्क्रूटनी करने के भी निर्देश दिए।सीडीओ ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल बिजली बिल में भारी बचत होगी बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सभी विभागों से अपील करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को मिशन मोड में लागू करें ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।अधिशासी अभियंता वाणिज्यिक पंकज तिवारी ने बताया कि योजना के तहत 10 किलोवाट विद्युत भार तक के घरेलू सोलर रूफटॉप पावर प्लांट की स्थापना के लिए अब 250 रुपए आवेदन शुल्क 1000 पंजीकरण शुल्क और बाजार से मीटर क्रय करने पर 400 रुपए नेट मीटर परीक्षण शुल्क नहीं देना होगा। एलडीएम ने बताया कि जो उपभोक्ता ऋण लेकर संयंत्र की स्थापना करना चाहते हैं उनके लिए बैंकों द्वारा 6 से 6.50 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर ऋण की सुविधा उपलब्ध है।

JNS News 24

Related Articles

error: Content is protected !!