जनगणना-2027: जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक संपन्न
जिले के तीन मास्टर ट्रेनर्स 17 से 19 फरवरी तक लखनऊ में लेंगे प्रशिक्षण

अलीगढ़ : जिला जनगणना अधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।डीएम ने कहा कि जनगणना देश की आबादी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और जनसांख्यिकीय जानकारी का सबसे महत्वपूर्ण और विश्वसनीय स्रोत है, जो हर दस वर्ष में कराई जाती है। इसके आधार पर नीतियां बनती हैं, विकास योजनाएं तैयार होती हैं, संसाधनों का आवंटन होता है और निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया जाता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और फील्ड स्तर पर पर्याप्त कार्मिक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।बैठक में डाटा की सटीकता, पारदर्शिता और गोपनीयता पर विशेष जोर दिया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत रखी जाए। जनगणना ऑनलाइन की जानी है ऐसे में सभी कार्मिक तकनीकी रूप से दक्ष हों, साथ ही ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन जनगणना के महत्व को समझ सकें।अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रमोद कुमार ने बताया कि जनगणना-2027 के लिए जिले से तीन मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 17 से 19 फरवरी तक मुख्यालय लखनऊ में कराया जा रहा है। जिले से अपर संख्याधिकारी अनुराग किशोर सिंह, प्रवक्ता महामाया पॉलीटैक्टिक मनु भाई झा एवं शक्ति सिंह को प्रशिक्षण के लिए लखनऊ भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मास्टर टेनर्स के प्रशिक्षण के उपरांत जिले में टेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। जनगणना के लिए चार्ज आफिसर, सुपरवाइजर्स एवं प्रगणक को भी नामित किया जाना है। उन्होंने बताया कि पहला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें गृह-आधारित गणना के तहत आवासीय संरचनाओं और मूलभूत सुविधाओं का विवरण लिया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना होगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का विवरण दर्ज किया जाएगा।बैठक में सीडीओ योगेन्द्र कुमार, एडीएम प्रशासन पंकज कुमार, समेत सभी एसडीएम, एसीएम, सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अनिल कुमार दीक्षित, जिला पंचायतराज अधिकारी यतेन्द्र सिंह एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।



