अलीगढ़

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना: संकट की घड़ी में कृषक परिवारों के लिए सुरक्षा कवच

जिला अधिकारी संजीव रंजन का जनहित में संदेश पात्र लाभार्थियों तक हर हाल में पहुंचे सहायता

अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना कृषकों एवं उनके परिजनों के लिए कठिन समय में संबल बनकर सामने आ रही है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने जनहित में जानकारी देते हुए कहा कि यह योजना किसानों को आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई है, ताकि किसी अप्रत्याशित घटना से प्रभावित परिवार को तत्काल राहत मिल सके।जिलाधिकारी ने योजना के बारे में बताया कि योजना के अंतर्गत 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के कृषकों की दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में उनके आश्रितों को 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। यह सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी के खाते में पारदर्शी तरीके से भेजी जाती है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता का माध्यम है, बल्कि यह सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत किसान और उनके परिवारों को हर परिस्थिति में सुरक्षा प्रदान करना प्राथमिकता है।अपर जिला अधिकारी प्रशासन पंकज कुमार ने बताया कि योजना का लाभ वे कृषक ले सकते हैं, जिनका नाम खतौनी में दर्ज है अथवा जो बंटाईदार या किरायेदार के रूप में कृषि कार्य कर रहे हैं। प्राकृतिक आपदा, सड़क दुर्घटना, सर्पदंश, बिजली गिरने जैसी आकस्मिक घटनाओं को योजना के दायरे में शामिल किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वास्तविक और पात्र मामलों में लाभ शीघ्र उपलब्ध हो।उन्होंने यह भी बताया है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और राजस्व, कृषि एवं संबंधित विभागों के समन्वय से प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो और लाभार्थियों को अनुकूल सहायता मिले।डीएम ने यह भी कहा कि योजना की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए फर्जी या अपात्र दावों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रत्येक आवेदन की उपजिलाधिकारी से विधिवत जांच के उपरांत समिति की बैठक में प्रस्तुत प्रकरण की समीक्षा करने के बाद ही स्वीकृति दी जाती है, जिससे वास्तविक जरूरतमंद कृषक परिवारों को ही लाभ पहुंचे।

जनता से अपील: जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कृषक परिवारों से अपील की है कि किसी दुर्घटना की स्थिति में समय सीमा के भीतर संबंधित तहसील अथवा ब्लॉक कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करें और किसी भी दलाल या भ्रामक जानकारी से बचें। किसी समस्या या शिकायत की स्थिति में जिला स्तर पर स्थापित सहायता तंत्र से संपर्क किया जा सकता है।

JNS News 24

Related Articles

error: Content is protected !!