शहरवासियों को जल्द मिलेगी डेयरियों से निज़ात-नगर आयुक्त और उपाध्यक्ष एडीए के प्रयासों से जल्द कैटल कॉलोनी बनेंगी
नगर आयुक्त ने एडीए, संपत्ति विभाग के साथ सेंट्रल डेयरी फार्म(मऊआ खेड़ा) का किया निरीक्षण-जल्द कैटल कॉलोनी को बसाने की तेज़ होगी क़वायद

नगर आयुक्त ने शहर की डेयरियों को अगले 6 माह में कैटल कॉलोनी में शिफ्ट करने का रखा लक्ष्य-नगर निगम पशुधन विभाग द्वारा 315 डेयरी संचालको को शिफ्टिंग के लिए दिए गए नोटिसनगर आयुक्त व उपाध्यक्ष (एडीए)के प्रयासों से अलीगढ़ को मिली कैटल कॉलोनी के लिए ज़मीन-शहर की सफाई में बदनुमा-लीगेसी वेस्ट, सड़को को कचरा मुक्त बनाने के बाद डेयरियों के शिफ्ट होने की कवायद हुई शुरूनगर आयुक्त का वादा-लीगेसी वेस्ट व सड़को को कचरा मुक्त होने व डेयरियों के शहर से बाहर शिफ्ट होने से शहर को मिलेगी गंदगी, दुर्गंध और प्रदूषण से निजातकैटल कॉलोनी बसाने के लिए ज़मीन तलाशने की दशको पुरानी समस्या का नगर आयुक्त व वीसी एडीए ने किया निस्तारणबरसों से शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्रों में डेयरियों की मौजूदगी उनके पशुओं के आवागमन से शहर की स्वच्छता प्रभावित होने के साथ साथ बच्चों महिलाओं और दिव्यांग जनों को सड़कों से डेयरियों के पशुओं के गुजरने के कारण दिक्कत का सामना करना पड़ता था। इसके साथ नगरीय क्षेत्र में डेयरी संचालकों के कारण शहर की सफाई व्यवस्था विशेष रूप से नालियों की सफाई प्रभावित हो रही है जिसका सीधा प्रभाव नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।
इन परिस्थितियों के समाधान हेतु प्रदेश सरकार के स्तर से समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए गए, जिनमें स्थानीय निकायों और जिला प्रशासन के समन्वय से शहर के बाहर उपयुक्त स्थान पर कैटल कॉलोनी विकसित कर पशुओं का चरणबद्ध स्थानांतरण सुनिश्चित करना शामिल है।अलीगढ़ नगरीय क्षेत्र में संचालित डेयरियों को नगर निगम सीमा से बाहर शिफ्ट करने के लिए नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने लगातार शहर की इस विकराल समस्या के समाधान के लिए कैटल कालोनी बनाये जाने हेतु भूमि उपलब्ध कराए जाने के लिए अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा के सहयोग से प्रमुखता से शासन के समक्ष रखा।मंगलवार को नगर आयुक्त ने अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और नगर निगम के सहयक नगर आयुक्त/प्रभारी संपत्ति विभाग वीर सिंह, पशु कल्याण अधिकारी डॉ राजेश वर्मा के साथ सेंट्रल डेयरी फार्म(मऊआ खेड़ा) का भौतिक सत्यापन किया। मौके पर पहुंचे नगर आयुक्त ने स्थानीय लोगों और तीन चार गांव के प्रधानों से इस भूमि पर कैटल कॉलोनी डेवलप कराए जाने पर बातचीत की स्थानीय नागरिकों और प्रधानों ने नगर निगम के विकास कार्यों की सराहना हुए जनहित में इस कदम को शहर के हित के लिए स्वागत योग्य बताया।नगर आयुक्त ने बताया कि प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के पत्र संख्या 395/आठ-1-20-24रिट/2018 आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-1, लखनऊ दिनांक 20 फरवरी, 2020 तथा सचिव, आवास अनुभाग-1, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के शासनादेश संख्या-2373/9-आ -1-1998 दिनांक 24 जून, 1998 में स्थानीय नगर निकाय तथा जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर मवेशियों को कैटिल कॉलोनी में अनिवार्यतः स्थानान्तरित कराने का निर्णय करते हुए उसके क्रियान्वयन के लिए प्रशासन, विकास प्राधिकरण को कैटिल कॉलोनी कार्य योजना को कार्यान्वित किये जाने के निर्देश दिये गये। जनहित याचिका संख्या-8024 (एमबी) (पीआईएल) / 2018 लोकेश कुमार खुराना बनाम उ०प्र० राज्य व अन्य में मा० उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के संबंध में प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-1, उ०प्र० शासन, लखनऊ के शासनादेश संख्या-395/आठ-1-20-24 रिट/2019 दिनांक 20 फरवरी, 2020 के प्रस्तर-5 (2) में उ०प्र० आवास एवं विकास परिषद / विकास प्राधिकरण द्वारा संबंधित जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर कैटिल कॉलोनी हेतु उपयुक्त स्थान पर भूमि चिन्हित कर कैटिल कॉलोनियों को विकसित किये जाने की अपेक्षा की गयी है।जनपद अलीगढ़ में स्थित सेन्ट्रल डेयरी फार्म(सी०डी०एफ०) की 606 एकड़ भूमि यू.पी.एस.आई.डी.सी. को हस्तांतरित करने के संबंध में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में दिनांक 06.09.2012 को सम्पन्न हुई बैठक में पशुपालन विभाग के अंतर्गत सी.डी.एफ. द्वारा आर.ए.एफ. हेतु 50 एकड़ भूमि को छोड़ते हुए अवशेष 556 एकड़ भूमि में से 200 एकड़ भूमि अलीगढ़ विकास प्राधिकरण को तथा 356 एकड़ भूमि यू०पी०एस०आई०डी०सी० को दिये जाने का निर्णय हुआ। अलीगढ़ में राष्ट्रीय स्तर की नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की घोषणा तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किये जाने एवं समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित होने के पश्चात पशुधन विभाग की उक्त भूमि में से स्थल ग्राम-महुआखेड़ा, गुरु सिकरन में 200 एकड़ भूमि उपयुक्त पाते हुए नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु प्रस्ताव तत्कालीन जिलाधिकारी, अलीगढ़ द्वारा सचिव, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ को प्रेषित किया गया।प्रदेश के लगभग समस्त बड़े नगरों के बीच घनी आबादी में मवेशियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिसमें नगरीय वातावरण प्रदूषित हो रहा है तथा मवेशियों के सड़कों पर घूमने से यातायात में अवरोध के साथ ही साथ मार्ग दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है, की समस्या के निराकरण हेतु स्थानीय नगर निकाय तथा जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर शहर की घनी आबादी से मवेशियों को स्थानान्तरित किये जाने के उद्देश्य से शहरी की बाहरी परिधि पर “कैटिल कॉलोनी” का आदर्श प्रारूप संलग्न कर योजना को कार्यान्वित किये जाने के निर्देश सचिव, आवास अनुभाग-1, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के पत्र संख्या-2373/9-आ-1-1998 दिनांक 24.06.1998 द्वारा दिये गये है। उल्लेखनीय है कि जनपद अलीगढ़ में सेन्ट्रल डेयरी फार्म की स्थापना लगभग 100 वर्ष पूर्व हुई थी और वर्ष 1998 तक भारतीय फौज के लिए यहां से दूध, मक्खन, घी आदि डेयरी प्रोडक्ट की सप्लाई हुआ करती थी। वर्तमान में यहां सूकर पालन केन्द्र चल रहा है।उपाध्यक्ष अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने नगर आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कैटिल कॉलोनी की स्थापना हेतु सेन्ट्रल डेयरी फार्म की 200 एकड़ भूमि जिसे अलीगढ़ विकास प्राधिकरण को दिये जाने का निर्णय लिया गया था, को उसके मूल स्वरूप / प्रयोजन के अनुरूप उपयोग में लाना उचित होगा। नगर निगम द्वारा उपरोक्त वर्णित भूमि में से कैटिल कालोनी विकसित किए जाने के लिए उपयुक्त भू-भाग को चिन्हित करने के उपरान्त के शासनादेश संख्या-395/आठ-1-20-24 रिट/2019 दिनांक 20 फरवरी, 2020 के अनुसार प्राधिकरण द्वारा अवस्थापना सुविधायें विकसित की जाएंगी। जनपद अलीगढ़ स्थित पूर्व सेंट्रल डेयरी फार्म (सीडीएफ) की भूमि के संबंध में भी विभिन्न स्तरों पर निर्णय लिए गए हैं। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि का एक भाग विभिन्न प्रयोजनों हेतु पूर्व में आवंटित/हस्तांतरित किया जा चुका है तथा शेष भूमि के उपयोग के संबंध में भी समय-समय पर शासन स्तर पर निर्णय होते रहे हैं। इस भूमि के उपयोग को लेकर न्यायिक मंचों पर भी वाद-प्रतिवाद हुए, जिनमें पर्यावरणीय पहलुओं और हरित क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया है।अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा ने बताया कि सी०डी०एफ० की 556 एकड़ भूमि में से 356 एकड़ भूमि को यू.पी.एस.आई.डी.सी. को देने का निर्णय लिया गया, जिस पर वर्तमान में इण्डस्ट्रीयल लोनी ताला नगरी विकसित है तथा अलीगढ़ विकास प्राधिकरण को 200 एकड़ भूमि दिये जाने का निर्णय लिया गया, जो कि कैटिल कालोनी के रूप में विकसित किये जाने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है। कैटिल कालोनी की आवश्यकतायें तथा उपलब्ध भूमि का विद्यमान स्वरूप एक दूसरे के पूरक हैं।उपाध्यक्ष ने कहा कि यदि सेन्ट्रल डेयरी फार्म की भूमि को उसके मूल प्रयोजन के अनुरूप वर्तमान में भी उपयोग में लाया जाता है तो इससे अधिक उपयुक्त अन्य भूमि कोई नहीं होगी। इस भूमि का भू-उपयोग महायोजना 2021 में कृषि नियोजित था, तथा महायोजना-2031 में प्रश्नगत भूमि का भू-उपयोग पार्क नियोजित खुले स्थल के अंतर्गत है, जिसे आवश्यकतानुसार भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया अमल में लाई जा सकती है।नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कैटल कॉलोनी का उद्देश्य शहर को डेयरियों के होने वाली गंदगी से मुक्त कराना है स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित कैटल कॉलोनी में पशुओं के लिए शेड, पेयजल, चारे की व्यवस्था, अपशिष्ट प्रबंधन तथा पशु-स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि पशु-कल्याण के मानकों का भी पूर्ण पालन हो।नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा अलीगढ़ नगर निगम द्वारा अगले 6 माह में नगरीय क्षेत्र में संचालित लगभग 315 सभी डेयरी संचालकों को नगर निगम सीमा से बाहर शिफ्ट करने की क़वायद को तेज कर दिया गया है पिछले 15 दिनों में लगभग 210 डेयरी संचालकों को शिफ्ट करने के लिए नोटिस दिया गया है।उन्होंने बताया कि नगरीय डेयरी संचालको को कैटल कॉलोनी में न्यूनतम दरों पर ऑफर दिया जाएगा और अगले 6 महीने में नगर की सभी डेयरी को वहां विस्थापित किया जाएगा। ताकि शहर की सफाई व्यवस्था यातायात व्यवस्था में सुधार हो सके और इन मवेशियों के कारण होने वाली आए दिन की असुविधा से नागरिकों को राहत मिल सके।जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि सेन्ट्रल डेयरी फार्म (सी.डी.एफ.) की भूमि पर प्रस्तावित कैटल कॉलोनी का विकास जनहित एवं शहरी प्रबंधन की दृष्टि से एक सराहनीय कदम है। इस भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन सहित सभी प्रक्रियाएँ नियमानुसार और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएंगी। संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर परियोजना को समयबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाएगा।महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा कैटल कालोनी का निर्माण शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कैटल कॉलोनी का विकास एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे नगर के समस्त नागरिकों को लाभ प्राप्त होगा।



