डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर अलीगढ़ में निवेश को मिल रहा मजबूत आधार, शासन की सुविधाओं से औद्योगिक विकास को गति
05 इकाईयों द्वारा उत्पादन कार्य आरंभ, 03 में मार्च तक शुरू होगा उत्पादन

अलीगढ़ : डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, अलीगढ़ के फेज-1 में औद्योगिक गतिविधियों को लेकर सकारात्मक प्रगति सामने आ रही है। शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही आधारभूत एवं प्रोत्साहन सुविधाओं के चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और कई इकाइयों में उत्पादन प्रारम्भ हो चुका है, जबकि शेष में निर्माण कार्य विभिन्न चरणों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए जीटी रोड पर डिफेंस कॉरिडोर फेज-2 की स्थापना के लिए प्रक्रिया अंतिम चरण में है।एस पी सिंह अधिशासी अभियन्ता पी.आई.यू.-1, यूपीडा, आगरा द्वारा बताया गया है कि डिफेंस कॉरिडोर फेज-1 में कुल 26 प्लॉट्स में से 24 प्लॉट निवेशकों को आवंटित किए गए हैं। प्लॉट संख्या 4, 12, 15, 21 एवं 22 पर औद्योगिक इकाइयों द्वारा उत्पादन कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में रोजगार सृजन की प्रक्रिया भी प्रारम्भ हो चुकी है। इसी प्रकार प्लॉट संख्या 2, 5 एवं 13 पर निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और यहां मार्च 2026 तक उत्पादन शुरू होने की प्रबल संभावना है। वहीं प्लॉट संख्या 6, 10, 18 एवं 23 पर बाउंड्री वॉल का निर्माण पूर्ण कर फैक्ट्री निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे भी मार्च 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त प्लॉट संख्या 1, 3, 7, 9, 11, 14, 20 एवं 25 पर निवेशकों द्वारा बाउंड्री वॉल का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है और फैक्ट्री निर्माण कार्य शीघ्र प्रारम्भ कराने के लिए यूपीडा द्वारा नियमित समन्वय एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। प्लॉट संख्या 17, 24 एवं 26 पर अभी तक निर्माण कार्य प्रारम्भ न होने के कारण संबंधित निवेशकों को मुख्यालय स्तर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। वहीं प्लॉट संख्या 8, 16 एवं 19 का आवंटन कार्य प्रारम्भ न होने के कारण निरस्त कर पुनः आवंटन की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।शासन की प्रमुख सुविधाएं और प्रोत्साहन:शासन द्वारा डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश को आकर्षक बनाने के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें विकसित औद्योगिक भूखण्ड, चौड़ी सड़कें, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जल आपूर्ति, जल निकासी, स्ट्रीट लाइटिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था जैसी आधारभूत सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से विभिन्न विभागीय अनुमतियां सरल एवं समयबद्ध रूप से प्रदान की जा रही हैं।निवेशकों को शासन की औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीतियों के अंतर्गत पूंजीगत अनुदान, स्टाम्प ड्यूटी में छूट, विद्युत शुल्क में रियायत तथा रोजगार सृजन से जुड़े प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डिफेन्स उत्पादन से जुड़ी इकाइयों को तकनीकी सहयोग, लॉजिस्टिक सपोर्ट एवं केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़ने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।जनहित और उद्यम हित में प्रभाव:यूपीडा द्वारा स्पष्ट किया गया है कि डिफेन्स कॉरिडोर में निवेश को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारने के लिए सतत निगरानी, अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं पुनः आवंटन जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवंटित भूखण्डों पर शीघ्र उत्पादन शुरू हो, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को गति मिले, स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त हो और जिला अलीगढ़ रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर सके। शासन की नीतिगत प्रतिबद्धता, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और प्रशासनिक सक्रियता के चलते डिफेन्स इंडस्ट्रियल कॉरिडोर अलीगढ़ आने वाले समय में निवेश, उत्पादन और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।



