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10 वर्षों में केजरीवाल सरकार की विफलता के कारण दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो गई

दिल्ली सरकार के 38 अस्पतालों में कुल 235 ऑपरेशन थियेटरों है, जिनमें से 62 आपरेशन थियेटर पूरी तरह बंद पड़े हैं

दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार बीते 10 वर्षों में अपनी जिन उपलब्धियों का बखान दिल्ली की जनता के सामने ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में करती रहती है, उनमें शिक्षा के अलावा उनका स्वास्थ्य मॉडल भी शामिल है. जिसके बेहतरीन होने का दावा सीएम केजरीवाल और उनके नेता और मंत्री करते रहते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में केजरीवाल सरकार की विफलता के कारण दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो गई है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के 38 अस्पतालों में कुल 235 ऑपरेशन थियेटरों है, जिनमें से 62 आपरेशन थियेटर पूरी तरह बंद पड़े हैं. जिसका कारण ओटी विशेषज्ञ समेत एनेस्थैटिक्स स्टाफ आदि की भारी कमी है.

‘एलएनजेपी अस्पताल के छह ऑपरेशन थियेटर बंद’ देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार से सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों, नर्सों सहित पैरामेडिकल स्टॉफ की भर्ती की मांग की है. उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि दिल्ली में प्रति 100 बेड पर महज 1.71 ऑपरेशन थियेटर हैं. इनमें से भी 26 प्रतिशत नॉन फंक्शनल हैं. उन्होंने ये भी कहा कि कोविड के दौरान अपनी जान का जोखिम उठा कर अस्पतालों में सेवा देने वाली 170 नर्सों की सेवा केजरीवाल सरकार द्वारा समाप्त करना अमानवीयता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के लोकनायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल के 13 ऑपरेशन थियेटर में से छह बंद हो गए हैं, जिसका मुख्य कारण दिल्ली सरकार द्वारा 51 पेरामेडिकल स्टॉफ को हटाना है.

‘किसी भी विभाग में नहीं हुई स्थाई भर्ती’ दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल के दिल्ली के मध्य में होने के कारण दिल्ली की बड़ी आबादी यहां इलाज कराने के लिए पहुंचती है, जिन्हें विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और ओटी के बंद पडे़ होने के कारण इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभाग में 10 वर्षों में स्थाई भर्ती करने की जगह अस्थाई कर्मचारियों की भी आधी से भी कम संख्या में भर्ती की है, जिनको समय-समय पर निकाल दिया गया और आज दिल्ली की जनता को उसका खामियाजा  भुगतना पड़ रहा है.

JNS News 24

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