अलीगढ़

त्रुटिपूर्ण अंश निर्धारण संशोधन व राजस्व अभिलेख सुधार को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय

जिलाधिकारी संजीव रंजन के निर्देश पर पूरे जिले में ग्रामवार लेखपाल बैठकें, 27 जनवरी तक अभियान पूर्ण करने के आदेश

अलीगढ़ : राजस्व परिषद की मंशा के अनुरूप जिले में त्रुटिपूर्ण अंश निर्धारण, नामांतरण एवं राजस्व अभिलेखों के सुधार के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी संजीव रंजन के निर्देश पर जिले की सभी तहसीलों के अंतर्गत प्रत्येक राजस्व ग्राम में ग्रामवार लेखपाल बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे आमजन की भूमि संबंधी समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित हो सके।अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पंकज कुमार ने इस संबंध में सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक तहसील में ग्रामवार लेखपाल बैठकों का कार्यक्रम निर्धारित कर लिया गया है। यह कार्यक्रम तहसील, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बैनर-पोस्टर, थाना दिवस और तहसील दिवस के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक खातेदारों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बैठकें ग्राम पंचायत भवन, विद्यालय अथवा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित होंगी। लेखपाल संबंधित ग्राम की खतौनी, आकार पत्र (ख०पु०-3) एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित रहेंगे। बैठकों में खातेदारों की सहमति अथवा असहमति दर्ज की जाएगी और आवश्यक आवेदन मौके पर ही प्राप्त किए जाएंगे, जिससे त्रुटिपूर्ण अंश निर्धारण का त्वरित संशोधन संभव हो सके। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नायब तहसीलदारों को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले की सभी तहसीलों में राजस्व अभिलेख सुधार अभियान को गति दी जाए और 27 जनवरी तक इसे पूर्ण किया जाए। इसके अंतर्गत खतौनी में नामांतरण, त्रुटि सुधार एवं अभिलेखों के अद्यतन से संबंधित लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित बैठकों के माध्यम से आवेदकों को प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाएगी। जिला एवं तहसील प्रशासन के निर्देशों के अनुसार लेखपाल मौके पर जाकर जांच करेंगे, जबकि राजस्व निरीक्षक एवं तहसीलदार ऑनलाइन पोर्टल पर प्रविष्टियों की पुष्टि करेंगे। संदेहास्पद मामलों में अभिलेखीय परीक्षण के उपरांत ही अनुमोदन दिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्रणाली का उपयोग अनिवार्य किया गया है और प्रत्येक स्तर पर कार्यवाही की स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की गई है।जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनहित में राजस्व रिकॉर्ड को शुद्ध, अद्यतन एवं विवादमुक्त बनाना है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयीय चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

JNS News 24

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