डीएम की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण एवं जिला गंगा समिति की बैठक संपन्न
’’एक जनपद-एक नदी’’ के तहत नीम नदी का होगा पुनरोद्धार, डीसी जीरामजी नोडल नामित

तहसील अतरौली में चिन्हित तीन स्थान वैटलैण्ड के रूप में होंगे विकसितकार्बन फाइनेंस प्रोजेक्ट का किसानों को दिया जाए अधिकाधिक लाभ, अब तक 27 पंजीकृत पौधों की जीवितता सुनिश्चित करने के लिए समिति को निश्चित विभाग आंवंटित किया जाएअलीगढ़ : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन में गठित जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक सोमवार को नवीन कलैक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जनपद स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विषयों की समग्र समीक्षा की गई।बैठक का संचालन करते हुए डीएफओ नवीन प्रकाश शाक्य ने बताया कि ’’एक जनपद-एक नदी’’ पुनरोद्धार के तहत नीम का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिस पर डीएम ने पुनरोद्धार कार्य के लिए डीसी जीरामजी को नोडल अधिकारी नामित कर शासन को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वैटलैण्ड चिन्हींकरण के संबंध में डीएफओ ने बताया कि तहसील अतरौली में तीन स्थानों- धुर्राखास प्रेमनगर में 4.77 हैक्टेयर, सीकरी में 32-35 हैक्टेयर एवं सीसई में वैटलैण्ड चिन्हित किए गए हैं। डीएम ने प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए ताकि इनको जल्द से जल्द विकसित कराया जा सके।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत रोपित पौधों की जीवितता की सफलता प्रतिशत के सत्यापन पर विशेष जोर देते हुए सत्यापन समिति में शामिल अधिकारियों को सत्यापन के लिए एक निश्चित विभाग आवंटित करने के निर्देश दिए ताकि सत्यापन में सुगमता बनी रहे। कार्बन फाइनेंस प्रोजेक्ट की समीक्षा मंे पाया गया कि अभी तक 27 कृषकों को पंजीकृत किया गया है। इस पर डीएम ने कृषि विभाग के सहयोग से योजनान्तर्गत अधिकाधिक किसानों का विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराए जाने के साथ ही ग्राम पंचायतों को ग्रीन चौपाल योजना से जोड़ने एवं वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में कराए गए वृक्षारोपण की जीवितता प्रतिशत की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन वेस्ट, प्लास्टिक वेस्ट, ई-वेस्ट, सॉलिड वेस्ट तथा बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण एवं प्रबंधन की मासिक समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को एनजीटी के मानकों के अनुरूप प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर सीडीओ योगेन्द्र कुमार, सीएमओ डा0 नीरज त्यागी, सीवीओ डा0 दिवाकर त्रिपाठी, डीएसटीओ अनिल कुमार दीक्षित, डीएओ धीरेन्द्र कुमार चौधरी, डीपीओ नमामि गंगे आलोक कुमार, सदस्य जिला गंगा समिति ज्ञानेश शर्मा समेत संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।



