अलीगढ़

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न

मरीजों को गुणवत्तापरक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना केवल शासकीय ही नहीं मानवीय जिम्मेदारी भी

अलीगढ़: जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन किया गया। डीएम ने कहा कि जिले में सभी मरीजों एवं जरूरतमंदों को समय से गुणवत्तापरक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना न केवल हमारी शासकीय बल्कि मानवीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए चिकित्सालय में आए हुए मरीजों को संवेदनशीलता से सुनते हुए उनकी समस्याआंे का निराकरण करें।समीक्षा के दौरान आईपीडी, सामान्य शल्य चिकित्सा और संस्थागत प्रसवों में आई कमी और चिकित्सकीय सुविधाओं में गिरावट पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में 100 शैय्या अस्पताल अतरौली में विगत वर्ष के सापेक्ष एक्स-रे में जहां 94 की वहीं पैथोलॉजी सेवाओं में 1006 की कमी दर्ज की गई। डीएम ने कहा कि चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ सेवा भाव से कार्य करें, जिससे आमजन को बेहतर उपचार और सुविधाएं मिल सकें। संस्थागत प्रसव की समीक्षा में सीएचसी लोधा, बेसवां, गोंडा, इगलास की खराब स्थिति पर आशावार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।मेटरनल डेथ की समीक्षा में फरवरी माह में 03 प्रकरण आए जोकि सभी जेएनएमसी के रहे। जेएनएमसी गायनी चेयरपर्सन डा0 जेहरा मोहसिन ने विस्तृत जानकारी देते हुए सभी चिकित्सकों से आग्रह किया कि गंभीर प्रकरणों को समय रहते मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर करें ताकि उनके समुचित ईलाज का समय मिल सके और ऐसे मरीजों की जान बचाई जा सके। परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा में पाया गया कि लगभग 84.4 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया गया है। वैक्टर जनित कार्यक्रम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर कार्य करने के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि टारगेट क्षेत्रों पर ही फोकस कर कार्य करें। राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम की समीक्षा में पाया गया कि जिले प्रति एक लाख व्यक्तियों पर 2.3 व्यक्ति का औसत है जिसे 1 से कम पर लाना है। अभियान के तहत इसमें 0.6 की कमी आई है। आयुष्मान योजना की समीक्षा में 1700 आई डी होने पर भी प्रतिदिन 600-700 कार्ड बनने पर डीएम ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि इनएक्टिव आईडी की समीक्षा कर प्रभावी कार्यवाही करें। इसके साथ ही बैठक में एनक्वास प्रोग्राम, ई-कचच, आभा आई-डी, आशा भुगतान, अंधता निवारण कार्यक्रम, ई-संजीवनी समेत विभिन्न स्वास्थ सेवाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में सीएमओ डा0 नीरज त्यागी समेत सभी सीएमएस, एमओआईसी, अन्य चिकित्सकगण एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

JNS News 24

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