राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए भारतीय झंडा संहिता के पालन पर जिलाधिकारी ने दिए निर्देश
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने जनपदवासियों से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान एवं गरिमा को बनाए रखने की अपील करते हुए भारतीय झंडा संहिता, 2002 में निहित दिशा-निर्देशों के पालन पर विशेष बल दिया

अलीगढ़ : जिलाधिकारी संजीव रंजन ने जनपदवासियों से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान एवं गरिमा को बनाए रखने की अपील करते हुए भारतीय झंडा संहिता, 2002 में निहित दिशा-निर्देशों के पालन पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की अस्मिता, गौरव और एकता का प्रतीक है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह ध्वज के उपयोग एवं प्रदर्शन में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करे।जिलाधिकारी ने बताया कि संशोधित भारतीय झंडा संहिता के अनुसार नागरिक अपने घरों, कार्यालयों एवं प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते हैं, बशर्ते उसकी गरिमा और सम्मान अक्षुण्ण रहे। ध्वज सदैव स्वच्छ, अखंड एवं सम्मानजनक स्थिति में होना चाहिए। फटा हुआ या मैला-कुचौला ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए और न ही किसी अन्य ध्वज या वस्तु को राष्ट्रीय ध्वज से ऊपर या बराबर स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन सदैव गरिमापूर्ण ढंग से किया जाए तथा इसे किसी भी प्रकार के अनुचित प्रयोग से बचाया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे आमजन में झंडा संहिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, जिससे प्रत्येक नागरिक राष्ट्रध्वज के सम्मान से जुड़े नियमों से परिचित हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। इसके सम्मान की रक्षा करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।



